गाँठी होय सो हाथ कर हाथ होय सो देह दोहे का अर्थ(Ganthi Hoy So Haath Kar Hath Hoy So Dohe Ka Arth in Hindi):-


गाँठी होय सो हाथ कर, हाथ होय सो देह।
आगे हाट न बानिया, लेना होय सो लेह।

गाँठी होय सो हाथ कर हाथ होय सो देह दोहे का अर्थ(Ganthi Hoy So Haath Kar Hath Hoy So Dohe Ka Arth in Hindi)


गाँठी होय सो हाथ कर हाथ होय सो देह दोहे का अर्थ(Ganthi Hoy So Haath Kar Hath Hoy So Dohe Ka Arth in Hindi):-

जो गाँठ में बाँध रखा है, उसे हाथ में ला, और जो हाथ में हो उसे परोपकार में लगा। नर-शरीर के पश्चात् इतर खानियों में बाजार-व्यापारी कोई नहीं है, लेना हो सो यही ले-लो।