Rani Sati Dadi Bhajan मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

दादी खोल दे दरवाजो म्हें तो केड आवांगा लिरिक्स (Dadi khol de darwajo Mhe To Ked Aavanga Lyrics in Hindi) - Rani Sati Dadi Bhajan

रानी सती दादी का एक भक्ति भजन, जिसमें भक्त उनके मार्गदर्शन की प्रार्थना करता है।

प्रस्तावना एवं परिचय

रानी सती दादी की कृपा का भक्ति गीत

इस भजन के माध्यम से रानी सती दादी की भक्ति और कृपा के लिए आह्वान करें।

दादी खोल दे दरवाजो म्हें तो केड आवांगा लिरिक्स (Dadi khol de darwajo Mhe To Ked Aavanga Lyrics in Hindi) - भादवै की मस्ती मेंनाचांगा गावांगादादी खोल दे दरवाजोम्हें तो केड आवांगा।।रोली मोली अक्षत मेहंदील्याया भक्त हजारसोणो सोणो गजरो ल्याकररहा हाँ बाट निहारछैल छबीलो सथीयोथारो म्हें बणावांगाओ दादी खोंल दे दरवाजोम्हें तो केड आवांगा।।ओढ़ चुनरिया लाल सुरंगीहरिया मेहंदी हाथभोला ढाला टाबरिया केपल पल रहियो साथमीठा-मीठा थाणे दादीभजन सुणावांगाओ दादी खोंल दे दरवाजोम्हें तो केड आवांगा।।मावस के दिन धोक लगातेकरते जय जयकारदादी म्हारी कुलदेवी थेरखियो खुश परिवार‘मधु’ बोले थाणे दादीआज रिझावांगाओ दादी खोंल दे दरवाजोम्हें तो केड आवांगा।।लाडु बुंदिया खीर चूरमासागै भुजिया अचारछप्पन भोग छत्तीसों व्यंजनल्याया थारै द्वारलाड प्यार से थाणे दादीम्हें जिमावांगाओ दादी खोंल दे दरवाजोम्हें तो केड आवांगा।।भादवै की मस्ती मेंनाचांगा गावांगादादी खोल दे दरवाजोम्हें तो केड आवांगा।।*** Singer & Lyricist- Madhu Kedia ***
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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन 'दादी खोल दे दरवाजो' में भक्त का रानी सती दादी के प्रति असीम श्रद्धा और भक्ति प्रकट होती है। भजन की आरंभिक पंक्ति में भक्त दादी से दरवाजा खोलने का आग्रह करता है, जिससे उसकी कृपा प्राप्त हो सके। यह दर्शाता है कि भक्त को दादी का आशीर्वाद पाने के लिए उनके दरवाजे तक पहुंचना आवश्यक है। भक्त अपनी दादी के प्रति सम्मान और प्रेम को व्यक्त करते हुए कहता है, 'मैं तो केड आवांगा', जिसका अर्थ है कि वह अपनी निष्ठा और प्रेम के साथ दादी के पास आएगा। भजन में भादवानी की मस्ती का भी जिक्र है, जो भारतीय संस्कृति में भक्ति और उत्सव का पर्याय है। यहाँ भक्त की ख़ुशी, उल्लास और विश्वास को दर्शाया गया है।

भजन के माध्यम से भक्त अपनी भावनाओं को व्यक्त करता है और दादी से निवेदन करता है कि वे दरवाजा खोलें ताकि वे उनकी कृपा प्राप्त कर सकें। 'रोली मोली अक्षत मेहंदी' जैसे शब्दों में पूजा की सामग्रियों का उल्लेख है, जो उस समय की परंपराओं को दर्शाते हैं। भक्त परंपरा के अनुसार दादी को प्रिय वस्त्र, मेहंदी हाथ, और अन्य सामग्रियों के साथ सजा-संवार कर श्रद्धा पूर्वक प्रस्तुत करता है, जो उनके प्रति प्रेम का प्रतीक है। परिवार की खुशियों का उल्लेख भी इस भजन में किया गया है, जो दर्शाता है कि भक्त का लक्ष्य केवल व्यक्तिगत लाभ नहीं बल्कि सम्पूर्ण परिवार की खुशियों को भी शामिल करना है।

इस भजन में भक्ति मार्ग का अनुग्रह, साधना, और आस्था का गहरा संबंध बोध होता है। भक्ति का मार्ग आत्मसमर्पण और श्रद्धा पर आधारित है। भक्त द्वारा किए गए सभी निवेदन, भोगों द्वारा भेंट व साधनाओं का उल्लेख, दादी की भक्ति में पूर्ण समर्पण का प्रतीक है। यहाँ भक्त की चित्तवृत्ति, आस्था, और प्रेम के उच्चतम स्तर का प्रतिफलन होता है। अंतिमतः, भक्ति में एक विशेष तत्व है—भक्त की दादी के प्रति होने वाली श्रद्धा और समर्पण, जो उसे दिव्य दृष्टि और अनुग्रह की ओर ले जाती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

यह भजन रानी सती का सम्मान और श्रद्धांजलि अर्पित करता है, जो भारतीय परंपरा में एक महत्वपूर्ण देवी मानी जाती हैं। पारिवारिक समृद्धि और सुख के लिए रानी सती दादी की पूजा विभिन्न पुराणों और ग्रंथों में वर्णित की गई है। यह भजन न केवल एक साधारण गीत है, बल्कि यह कर्मकांडों का अनुसरण भी करता है, जिससे भक्तों को उनकी कुलदेवी से आशीर्वाद प्राप्त होता है। भक्त वृहद रूप में दादी की यशोगाथा सुनाकर और मिष्टान्नों का भोग अर्पित करके, उनके प्रति जिज्ञासा और श्रद्धा प्रकट करते हैं।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन का जाप करने से मानसिक शांति और अहंकार का नाश होता है। भक्त जब इस भजन का जाप करते हैं, तो वे रानी सती दादी की कृपा को अनुभव करते हैं, जो उनके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाती है। यह भजन परिवार के सभी सदस्यों के लिए समर्पित किया गया है, इसलिए इसका जाप परिवार के सामंजस्य को बढ़ाता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जाप सुबह की भक्ति में या शाम की पूजा में किया जा सकता है। भक्त को चाहिए कि वह स्वच्छता से स्नान करके साफ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल पर दीपक जलाना, नैवेद्य और भोग अर्पित करना आवश्यक है। मानसिकता को सकारात्मक रखते हुए, भक्त को ध्यानपूर्वक भजन का जाप करना चाहिए।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

रानी सती दादी कौन हैं?

रानी सती दादी भारतीय लोक क्षेत्र की एक प्रमुख देवी हैं, जिन्हें परिवार की सुरक्षा और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

इस भजन का संक्षिप्त अर्थ क्या है?

भजन में भक्त अपनी कुलदेवी रानी सती दादी से कृपा की प्रार्थना करता है और अपने परिवार की खुशियों के लिए दरवाजा खोलने का आग्रह करता है।

भजन का जाप करने का सही समय क्या है?

समस्त भक्ति भजन सुबह और शाम के समय सबसे प्रभावी रहता है, जिससे मनुष्य को मानसिक शांति और आशीर्वाद प्राप्त होता है।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

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