Matarani Bhajan मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

हम है दीवाने तेरे नाम के दीवाने लिरिक्स (Hum hai deewane tere naam ke deewane Lyrics in Hindi) - Panna Gill Mata Bhajan

पढ़ें हम है दीवाने तेरे नाम के दीवाने लिरिक्स (Hum hai deewane tere naam ke deewane Lyrics in Hindi) - Panna Gill Mata Bhajan - Bhaktilok का शुद्ध पाठ, शब्दा

"हम हैं दीवाने तेरे नाम के दीवाने" (Hum hai deewane tere naam ke deewane) माता रानी की आराधना में समर्पित एक अत्यंत लोकप्रिय और ऊर्जावान भजन है, जिसे सुप्रसिद्ध गायक पन्ना गिल (Panna Gill) ने अपने मधुर और ओजस्वी स्वर से सजाया है। यह भजन विशेष रूप से बैसाखी, नवरात्रि, माता की चौकी और जगराता जैसे पावन अवसरों पर भक्तों के बीच अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ गाया जाता है। इस भजन का मुख्य भाव 'अनन्य समर्पण' और 'दिव्य प्रेम' है, जहाँ भक्त सांसारिक मोह-माया को त्यागकर केवल आदिशक्ति जगदम्बा के नाम की महिमा में लीन हो जाता है। जब भक्त सामूहिक रूप से इस भजन का गान करते हैं, तो संपूर्ण वातावरण सकारात्मक ऊर्जा, दिव्य तरंगों और माँ दुर्गा की असीम कृपा से सराबोर हो उठता है। यह भजन हमें सिखाता है कि ईश्वर का नाम केवल एक शब्द नहीं, बल्कि जीवन के अंधकार को मिटाने वाला एक शाश्वत प्रकाशपुंज है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

॥ हम हैं दीवाने तेरे नाम के दीवाने ॥

(स्थायी)
हम हैं दीवाने तेरे नाम के दीवाने,
तेरे नाम के दीवाने, तेरे नाम के दीवाने।
हम हैं दीवाने तेरे नाम के दीवाने,
तेरे नाम के दीवाने, तेरे नाम के दीवाने।
तेरा नाम लिया है, सबने तेरा नाम लिया है,
तेरा नाम लिया है, सबने तेरा नाम लिया है।
हम हैं दीवाने तेरे नाम के दीवाने,
तेरे नाम के दीवाने, तेरे नाम के दीवाने॥

(अंतरा - 1)
तेरे नाम का दिया जलता है, हर दिल में उजाला करता है,
तेरे नाम का दिया जलता है, हर दिल में उजाला करता है।
जो भी शरण में आता है, वो खाली हाथ न जाता है,
जो भी शरण में आता है, वो खाली हाथ न जाता है।
तूने सबको दिया है, जो भी माँगा वो दिया है,
तूने सबको दिया है, जो भी माँगा वो दिया है।
हम हैं दीवाने तेरे नाम के दीवाने,
तेरे नाम के दीवाने, तेरे नाम के दीवाने॥

(अंतरा - 2)
मैया शेरावाली, जोत जगाए बैठी है,
भक्तों के संकट हरने को, वो हाथ उठाए बैठी है।
मैया शेरावाली, जोत जगाए बैठी है,
भक्तों के संकट हरने को, वो हाथ उठाए बैठी है।
तेरा रूप सुहाना लगता है, हर मन को प्यारा लगता है,
तेरा रूप सुहाना लगता है, हर मन को प्यारा लगता है।
हम हैं दीवाने तेरे नाम के दीवाने,
तेरे नाम के दीवाने, तेरे नाम के दीवाने॥

(अंतरा - 3)
बैसाखी का मेला आया है, खुशियों की सौगात लाया है,
बैसाखी का मेला आया है, खुशियों की सौगात लाया है।
तेरे दर पे शीश झुकाते हैं, हम झूम-झूम कर गाते हैं,
तेरे दर पे शीश झुकाते हैं, हम झूम-झूम कर गाते हैं।
मैया पार लगाएगी, सबकी नैया पार लगाएगी,
मैया पार लगाएगी, सबकी नैया पार लगाएगी।
हम हैं दीवाने तेरे नाम के दीवाने,
तेरे नाम के दीवाने, तेरे नाम के दीवाने॥

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का भावार्थ अत्यंत गहरा और हृदयस्पर्शी है। यहाँ 'दीवाना' शब्द किसी मानसिक विक्षिप्तता को नहीं, बल्कि भक्ति की उस पराकाष्ठा को दर्शाता है जहाँ भक्त और भगवान के बीच का द्वैत भाव समाप्त हो जाता है। जब भक्त कहता है कि "हम हैं दीवाने तेरे नाम के", तो इसका अर्थ है कि उसके जीवन में माता रानी के नाम के अतिरिक्त अन्य किसी सांसारिक वस्तु की लालसा नहीं बची है।

भजन की पंक्तियाँ स्पष्ट करती हैं कि माता का नाम एक ऐसा दिव्य दीपक है जो अज्ञानता और निराशा के अंधकार को दूर कर हृदय में ज्ञान और आशा का संचार करता है। माता के दरबार से कभी कोई खाली हाथ नहीं लौटता; वे अपनी संतानों पर बिना किसी भेदभाव के दया और करुणा की वर्षा करती हैं। बैसाखी के पावन पर्व पर जब इस भजन का गायन किया जाता है, तो यह नई फसलों की समृद्धि और जीवन में नए उत्साह का प्रतीक बन जाता है। भक्त अपनी नैया (जीवन रूपी नाव) को पार लगाने के लिए पूरी तरह से जगदम्बा के चरणों में समर्पित कर देता है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

यह भजन केवल एक संगीतमय प्रस्तुति नहीं है, बल्कि इसके कई आध्यात्मिक और व्यावहारिक आयाम हैं:

  • नाम संकीर्तन की महिमा: कलयुग में ईश्वर के नाम स्मरण को सबसे सरल और प्रभावी साधन माना गया है। यह भजन माता के नाम की इसी महिमा को रेखांकित करता है।
  • सकारात्मक ऊर्जा का संचार: भजन की तीव्र लय और ढोल-नगाड़ों की थाप भक्तों के भीतर छिपे अवसाद और नकारात्मकता को नष्ट कर देती है।
  • सामूहिकता की भावना: जब सैकड़ों भक्त एक साथ "हम हैं दीवाने" गाते हैं, तो व्यक्तिगत अहंकार समाप्त हो जाता है और सामूहिक चेतना का उदय होता है।
  • सांस्कृतिक जुड़ाव: बैसाखी और नवरात्रि जैसे त्योहारों के साथ इसका जुड़ाव भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं को जीवंत बनाए रखता है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

यद्यपि माँ की आराधना किसी भी समय की जा सकती है, परंतु इस भजन के गायन और श्रवण के लिए कुछ विशेष अवसर और विधियाँ अत्यंत फलदायी मानी गई हैं:

  • सर्वोत्तम समय: नवरात्रि के नौ दिनों में, प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को, तथा बैसाखी के पावन पर्व पर इस भजन का गायन विशेष रूप से किया जाता है।
  • गायन की विधि: माता की चौकी या मंदिर के समक्ष शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करें। लाल पुष्प, अक्षत और नैवेद्य अर्पित करने के पश्चात् पूरे परिवार और मित्रों के साथ ताली बजाते हुए और झूमते हुए इस भजन का संकीर्तन करें।
  • मानसिक शांति के लिए: यदि आप मानसिक तनाव या जीवन में बाधाओं का सामना कर रहे हैं, तो शांत चित्त से सुबह या शाम के समय इस भजन को सुनने से मन को असीम शांति और संबल प्राप्त होता है।

भजन से जुड़े देवी-देवता एवं संत | Associated Deity / Saint

यह भजन मुख्य रूप से आदिशक्ति माँ दुर्गा (शेरावाली माता) को समर्पित है। हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, माँ दुर्गा शक्ति, साहस, करुणा और सुरक्षा की देवी हैं। वे अपने भक्तों के सभी कष्टों का निवारण करने के लिए सदैव तत्पर रहती हैं। इस भजन में प्रयुक्त 'शेरावाली' शब्द उनके सिंहवाहिनी स्वरूप को दर्शाता है, जो निर्भयता और धर्म की स्थापना का प्रतीक है। इसके साथ ही, बैसाखी के संदर्भ में यह भजन प्रकृति और कृषि के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी माध्यम बनता है, जहाँ माँ अन्नपूर्णा के रूप में देवी की पूजा की जाती है।

भजन की रचना एवं पृष्ठभूमि | Composition & Background

इस भजन को आधुनिक भक्ति संगीत के क्षेत्र में एक विशेष स्थान प्राप्त है। इसे प्रसिद्ध गायक पन्ना गिल ने गाया है, जो अपनी उच्च ऊर्जा और भावपूर्ण गायकी के लिए जाने जाते हैं। इस भजन की पृष्ठभूमि पंजाब और उत्तर भारत के लोक संगीत से प्रेरित है। बैसाखी के अवसर पर जब किसान अपनी फसल पकने की खुशी मनाते हैं, तब वे इस भजन के माध्यम से माता रानी को धन्यवाद अर्पित करते हैं। यही कारण है कि इस भजन में भक्ति के साथ-साथ एक उत्सव का उल्लास भी समाहित है।

भजन की भाषा एवं काव्य शैली | Language & Literary Style

भजन की भाषा सरल, सुबोध और लोक-प्रचलित हिंदी है, जिसमें पंजाबी संस्कृति की मिठास और लय का सुंदर मिश्रण देखने को मिलता है। इसकी काव्य शैली 'गीत' और 'संकीर्तन' रूप में है। इसमें प्रयुक्त रूपक जैसे "नाम का दिया" और "नैया पार लगाना" अत्यंत प्रभावशाली हैं। सरल शब्दों के चयन के कारण यह भजन बच्चों से लेकर वृद्धों तक सभी की जुबान पर आसानी से चढ़ जाता है। इसकी लयबद्धता और पुनरावृत्ति (Repetitive Chorus) इसे सामूहिक गायन के लिए सर्वथा उपयुक्त बनाती है।

भजन में व्यक्त आध्यात्मिक संदेश एवं जीवन सीख | Spiritual Message & Life Lessons

यह भजन हमें कई महत्वपूर्ण जीवन मूल्य सिखाता है:

  1. पूर्ण समर्पण (Surrender): जब हम स्वयं को ईश्वर के चरणों में सौंप देते हैं, तो हमारे जीवन की चिंताएं स्वतः समाप्त हो जाती हैं।
  2. समानता का भाव: माता के दरबार में अमीर-गरीब, छोटा-बड़ा सभी समान हैं। जो भी सच्चे मन से पुकारता है, माँ उसे अपनी गोद में स्थान देती हैं।
  3. कृतज्ञता (Gratitude): जीवन में जो कुछ भी प्राप्त हुआ है, उसके लिए ईश्वर के प्रति आभार व्यक्त करना चाहिए।
  4. सकारात्मक दृष्टिकोण: जैसे दीपक अंधकार को मिटाता है, वैसे ही ईश्वर का नाम हमारे विचारों को शुद्ध और सकारात्मक बनाता है।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द / वाक्यांश सरल हिंदी अर्थ आध्यात्मिक संदर्भ
दीवाने प्रेम में मग्न, लीन होना भक्ति की वह अवस्था जहाँ भक्त स्वयं को भूलकर ईश्वरमय हो जाता है।
दिया (दीपक) प्रकाश का स्रोत ज्ञान और भक्ति की लौ जो अज्ञानता के अंधकार को नष्ट करती है।
शरण आश्रय, चरणों में आना अहंकार का त्याग कर पूर्ण रूप से ईश्वर की सुरक्षा में जाना।
जोत अखंड ज्योति, अग्नि शिखा हृदय में सदैव जलने वाली श्रद्धा और विश्वास की ज्योति।
नैया नाव संसार रूपी सागर में मानव जीवन की यात्रा।

पंक्ति-दर-पंक्ति भावार्थ | Line-by-Line Explanation

"हम हैं दीवाने तेरे नाम के दीवाने..."
हे माता! हम आपके नाम के रस में पूरी तरह डूब चुके हैं। संसार हमारे बारे में क्या सोचता है, हमें इसकी परवाह नहीं है; हम केवल आपकी भक्ति के आनंद में मग्न हैं।

"तेरा नाम लिया है, सबने तेरा नाम लिया है..."
संसार के समस्त प्राणियों ने, संतों ने और देवताओं ने भी आपकी महिमा को स्वीकार किया है और आपके पावन नाम का आश्रय लिया है।

"तेरे नाम का दिया जलता है, हर दिल में उजाला करता है..."
आपका नाम एक ऐसा चमकीला दीपक है, जो जब किसी के हृदय में जलता है, तो उसके जीवन के सारे संशय, भय और अंधकार दूर हो जाते हैं।

"जो भी शरण में आता है, वो खाली हाथ न जाता है..."
आपके दयालु स्वभाव की यह विशेषता है कि जो कोई भी आपके चरणों में शीश झुकाता है, आप उसकी झोली खुशियों से भर देती हैं।

भजन से जुड़े मंत्र एवं श्लोक | Related Mantra & Shlok

माता रानी की आराधना करते समय इस भजन के साथ निम्नलिखित सिद्ध मंत्रों का जाप करना अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है:

॥ देवी स्तुति ॥

"सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥"

॥ नवार्ण मंत्र ॥

"ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥"

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

विवरण जानकारी
भजन का नाम हम हैं दीवाने तेरे नाम के दीवाने
मुख्य देवी/देवता माँ दुर्गा, शेरावाली माता, जगदम्बा
गायक (Singer) पन्ना गिल (Panna Gill)
भाषा (Language) हिंदी (लोक शैली के साथ)
मुख्य भाव (Bhava) समर्पण, हर्ष, उल्लास, अनन्य भक्ति
उपयुक्त अवसर नवरात्रि, बैसाखी, माता का जगराता, मंगलवार/शुक्रवार पूजा

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

इस अत्यंत लोकप्रिय भजन के मुख्य गायक पन्ना गिल (Panna Gill) हैं। उन्होंने अपनी ऊर्जावान और सुरीली आवाज से इस भजन को घर-घर में लोकप्रिय बना दिया है।

यह भजन मुख्य रूप से आदिशक्ति माँ दुर्गा (शेरावाली माता) को समर्पित है। इसमें देवी की महिमा, उनके सुहाने रूप और भक्तों के कष्टों को हरने की उनकी शक्ति का वर्णन किया गया है।

इस भजन को नवरात्रि, बैसाखी, माता की चौकी, जगराता, या किसी भी शुभ धार्मिक उत्सव के दौरान गाना और सुनना सबसे उत्तम माना जाता है। दैनिक जीवन में इसे सुबह या शाम की आरती के समय भी गाया जा सकता है।

इस भजन में "बैसाखी का मेला आया है" पंक्ति का उल्लेख है। बैसाखी उत्तर भारत का एक प्रमुख त्योहार है, जो नई फसल और समृद्धि का प्रतीक है। इस अवसर पर भक्त माता रानी के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए इस भजन का गायन करते हैं।

हाँ, यह भजन अपनी तीव्र लय, ताली की थाप और सरल कोरस के कारण सामूहिक संकीर्तन के लिए अत्यंत उपयुक्त है। यह सभी भक्तों को एक साथ झूमने और गाने के लिए प्रेरित करता है।

यह भजन हमें सिखाता है कि ईश्वर के नाम में असीम शक्ति है। जब हम सच्चे मन और पूर्ण समर्पण के साथ माता का नाम लेते हैं, तो हमारे जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं और हमें आंतरिक शांति प्राप्त होती है।

इस पंक्ति का अर्थ है कि माता का नाम स्मरण भक्त के हृदय में ज्ञान, विश्वास और सकारात्मकता का दीपक प्रज्वलित करता है, जिससे अज्ञानता और निराशा का अंधकार सदा के लिए समाप्त हो जाता है।

इस भजन की भाषा सरल और सुबोध हिंदी है, जिसमें लोक संगीत और पंजाबी संस्कृति का प्रभाव देखने को मिलता है। इसकी काव्य शैली अत्यंत प्रवाहमयी और संगीतमय है।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह लेख "संपादकीय रूप से तैयार सामग्री" के अंतर्गत आता है। हमारी विद्वान संपादकीय टीम ने इस भजन के पाठ, इसके आध्यात्मिक अर्थ, और इसकी सांस्कृतिक पृष्ठभूमि का गहन विश्लेषण करके इसे तैयार किया है। पन्ना गिल द्वारा गाए गए इस भजन का उद्देश्य भक्तों के भीतर ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम और समर्पण की भावना को जागृत करना है। इस लेख में दी गई जानकारियों को प्रामाणिक स्रोतों और पारंपरिक मान्यताओं के आधार पर संकलित किया गया है ताकि पाठकों को एक समृद्ध और ज्ञानवर्धक अनुभव प्राप्त हो सके।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

  • श्रीमद्देवीभागवत पुराण: आदिशक्ति की महिमा और उनके नाम संकीर्तन के महत्व का शास्त्रीय आधार।
  • पारंपरिक भजन संग्रह: उत्तर भारतीय लोक संगीत और माता के जगराते की मौखिक परंपराएं।
  • पन्ना गिल आधिकारिक डिस्कोग्राफी: भजन के मूल बोल और संगीत संरचना का संदर्भ।

संबंधित भजन एवं लेख

माता रानी की भक्ति से ओतप्रोत अन्य पावन भजनों और आरतियों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लेखों पर अवश्य जाएँ:

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 08 Oct 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!
🕉️
🚩 दैनिक अमृतवाणी

दैनिक पंचांग व पावन व्रत अलर्ट प्राप्त करें

प्रतिदिन प्रातः शुभ मुहूर्त, चौघड़िया एवं एकादशी व्रत कथा सीधे अपने इनबॉक्स में पाएं।

पंचांग
पेज लिंक कॉपी हो गई!