Shyam Bhajan

तेरा दर मिल गया मुझको भजन लिरिक्स (Tera Dar Mil Gaya Mujhko Lyrics in Hindi) - Raj Pareek Khatu Shyam Bhajan - BhaktiLok

147 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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तेरा दर मिल गया मुझको भजन लिरिक्स (Tera Dar Mil Gaya Mujhko Lyrics in Hindi) - Raj Pareek Khatu Shyam Bhajan

भक्ति और समर्पण की असीम गंगा में गोता लगाने वाला और खाटू श्याम बाबा के दरबार की महिमा का गुणगान करने वाला अत्यंत लोकप्रिय भजन "तेरा दर मिल गया मुझको" (Tera Dar Mil Gaya Mujhko) प्रसिद्ध युवा भजन गायक राज पारेख (Raj Pareek) की मधुर वाणी में गाया गया एक अनमोल रत्न है। सनातन धर्म और विशेष रूप से खाटू श्याम बाबा के भक्तों के बीच यह भजन प्रेम, विश्वास, पूर्ण शरणागति (Surrender) और परम शांति का प्रतीक माना जाता है। जब कोई साधक या भक्त अपने जीवन के दुखों, संघर्षों और भंवर से घबराकर हारे का सहारा बाबा श्याम के चरणों में पहुंचता है, तब उसके मुख से अनायास ही यह भाव निकल पड़ता है कि हे प्रभु! मुझे आपका दर मिल गया, मानो मुझे संसार की सारी खुशियां मिल गईं। इस विस्तृत एवं प्रामाणिक मार्गदर्शिका में हम इस पावन भजन के सम्पूर्ण लिरिक्स, शब्दार्थ, भावार्थ, गायन की विधि, आध्यात्मिक संदेश और श्याम बाबा की महिमा का रसास्वादन करेंगे।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

स्थायी (मखड़ा):

तेरा दर मिल गया मुझको, सहारा मिल गया मुझको,
लगा गले से मेरे मोहन, किनारा मिल गया मुझको।
तेरा दर मिल गया मुझको, सहारा मिल गया मुझको...

अंतरा 1:

भटके थे राहों में हम, कोई मंजिल न थी अपनी,
तन्हाइयों के साए में, सुलगती थी हर इक अपनी।
दिखाई राह तुमने ही, उजाला मिल गया मुझको,
लगा गले से मेरे मोहन, किनारा मिल गया मुझको।
तेरा दर मिल गया मुझको, सहारा मिल गया मुझको...

अंतरा 2:

दुनिया की ठोकरों ने, जब बिल्कुल तोड़ था डाला,
आकर संभाला तुमने, ओ खाटू वाले सांवरा लाला।
तुम्हारी छांव में आकर, ठिकाना मिल गया मुझको,
लगा गले से मेरे मोहन, किनारा मिल गया मुझको।
तेरा दर मिल गया मुझको, सहारा मिल गया मुझको...

अंतरा 3:

अब और कुछ नहीं चाहूँ, तेरी भगित ही धन मेरा,
रहे सर पर हमेशा हाथ, सांवरे तेरा।
तुम्हारे रूप में मुझको, नजारा मिल गया मुझको,
लगा गले से मेरे मोहन, किनारा मिल गया मुझको।
तेरा दर मिल गया मुझको, सहारा मिल गया मुझको...

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

राज पारेख द्वारा गाए गए इस लोकप्रिय खाटू श्याम भजन का भावार्थ जीवात्मा और परमात्मा के मिलन का एक अत्यंत सुंदर जीवंत दस्तावेज है। भजन की शुरुआत इस सत्य को रेखांकित करती है कि जब मनुष्य माया-मोह रूपी संसार में भटकता हुआ थक जाता है और चारों ओर से निराश हो जाता है, तब उसे जब भगवान श्री खाटू श्याम का दरबार मिल जाता है, तो उसका जीवन धन्य हो जाता है।

प्रथम अंतरे में कवि बतलाता है कि इससे पहले जीवन में कोई निश्चित लक्ष्य नहीं था, दिशाहीन होकर भटक रहे थे। लेकिन सांवरे की कृपा दृष्टि ने अंधकार को चीरकर प्रकाश की किरण दिखाई। दूसरे अंतरे में सांसारिक दुखों और असफलताओं की मार का जिक्र है, जहां जब सारी दुनिया साथ छोड़ देती है, तब हारे का सहारा बाबा श्याम आकर भक्त को अपने गले लगा लेते हैं। अंतिम अंतरे में भक्त की अनन्य निष्काम भक्ति दिखाई देती है, जहाँ उसे संसार के किसी अन्य वैभव की लालसा नहीं है, बल्कि केवल श्याम प्रभु के चरणों की भक्ति और उनका आशीर्वाद ही उसका सर्वस्व बन जाता है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

यह भजन केवल शब्दों का संकलन नहीं है, बल्कि यह एक तड़पते हुए हृदय की भगवान के प्रति पुकार है। इसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • शरणागति का भाव: भजन में भक्त की भगवान के प्रति पूर्ण शरणागति (Surrender) साफ झलकती है।
  • हारे का सहारा: खाटू श्याम बाबा को 'हारे का सहारा' कहा जाता है, और यह भजन इसी मूल मंत्र को चरितार्थ करता है।
  • मानसिक शांति: इस भजन को सुनने या गुनगुनाने से अवसाद, चिंता और मानसिक तनाव दूर होता है और अंतर्मन में अद्भुत शांति का अनुभव होता है।
  • सरल और भावपूर्ण शब्दावली: राज पारेख की गायकी और इस भजन के बोल इतने सरल हैं कि बच्चे से लेकर वृद्ध तक इसे सहज ही गुनगुना सकते हैं।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

भक्ति संगीत के नियमानुसार भगवान का संकीर्तन किसी भी समय किया जा सकता है, फिर भी इस भजन के गायन और श्रवण के लिए कुछ विशेष समय अत्यंत फलदायी माने जाते हैं:

  • ब्रह्म मुहूर्त एवं सुबह की बेला: प्रातःकाल स्नान के पश्चात मंदिर या पूजा घर में दीपक प्रज्वलित करके इस भजन का स्मरण करने से पूरा दिन सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहता है।
  • संध्याकालीन आरती: शाम को घर में दीपदान और धूप दिखाने के समय इस भजन को सुनने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
  • खाटू श्याम संकीर्तन और फाल्गुनी मेला: एकादशी, द्वादशी, और खाटू श्याम के वार्षिक फाल्गुनी लक्खी मेले के दौरान इस भजन का विशेष रूप से गान किया जाता है।
  • साप्ताहिक सत्संग: घरों या मंदिरों में होने वाले श्याम बाबा के संकीर्तन और जागरण में इस भजन को सामूहिक रूप से गाया जाता है।

भजन से जुड़े देवी-देवता एवं संत | Associated Deity / Saint

इस भजन के केंद्र में महाभारत के वीर योद्धा बर्बरीक, जिन्हें कलियुग में भगवान श्री कृष्ण के वरदान स्वरूप खाटू श्याम बाबा के रूप में पूजा जाता है, वे विराजमान हैं। बर्बरीक जी ने अपने शीश का दान देकर भगवान श्री कृष्ण को वचनबद्ध कर दिया था कि वे कलियुग में उनके नाम 'श्याम' से पूजे जाएंगे और हारे हुए व्यक्तियों का साथ देंगे। राज पारेख जैसे युवा कलाकारों ने अपनी सुमधुर आवाज के माध्यम से इस परंपरा को घर-घर तक पहुँचाया है। आप श्री कृष्ण भजन लिरिक्स के माध्यम से उनके मूल स्वरूप की महिमा का भी आनंद ले सकते हैं।

भजन की रचना एवं पृष्ठभूमि | Composition & Background

राज पारेख आधुनिक दौर के उन प्रतिभाशाली भजन गायकों में से एक हैं जिन्होंने पारंपरिक भक्ति संगीत को युवा पीढ़ी के दिलों तक पहुँचाया है। "तेरा दर मिल गया मुझको" भजन की रचना उन भक्तों की मनोदशा को ध्यान में रखकर की गई है जो जीवन की कठिनाइयों से जूझते हुए खाटू की पावन धरती पर पहुंचते हैं। जब वे श्याम बाबा के धवले मंदिर में निशान लेकर पहुंचते हैं और बाबा के अलौकिक दर्शन करते हैं, तो उनके मुख से जो उद्गार निकलते हैं, वही इस भजन का आधार बने हैं।

भजन की भाषा एवं काव्य शैली | Language & Literary Style

इस भजन की भाषा बहुत ही सरल, मधुर और आम बोलचाल की हिंदी/राजस्थानी मिश्रित ब्रजभाषा से प्रभावित है। इसमें अनुप्रास और रूपक अलंकारों का सहज प्रयोग हुआ है। "तन्हाइयों के साए", "दुनिया की ठोकरों", और "किनारा मिल गया" जैसे प्रतीकों के माध्यम से जीवन की वास्तविक परिस्थितियों को बहुत ही खूबसूरती से आध्यात्मिक धरातल से जोड़ा गया है.

भजन में व्यक्त आध्यात्मिक संदेश एवं जीवन सीख | Spiritual Message & Life Lessons

इस भजन से हमें निम्नलिखित महत्वपूर्ण जीवन सीख मिलती हैं:

  • अधैर्य न खोएं: जीवन में कितनी भी बड़ी बाधाएं आएं, ईश्वर पर अटूट विश्वास बनाए रखना चाहिए।
  • ईश्वर ही अंतिम सत्य: जब सारी दुनिया मुंह मोड़ ले, तब परमात्मा के चरण ही एकमात्र सच्ची शरणस्थली हैं।
  • निष्काम भक्ति: धन-दौलत और सांसारिक वस्तुओं से ऊपर उठकर प्रभु की भक्ति को ही सबसे बड़ा धन मानना चाहिए।
  • विनम्रता और शरणागति ही भगवान को रिझाने का सबसे सरल मार्ग है।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द / वाक्यांश सरल हिंदी अर्थ आध्यात्मिक संदर्भ
दर द्वार / चौखट भगवान की शरणस्थली या मंदिर
सहारा आश्रय / संबल मुश्किल समय में मिलने वाली मदद
किनारा तट / पार उतारना संसार रूपी भवसागर से मुक्ति
तन्हाई अकेलापन ईश्वर स्मरण के अभाव में होने वाली आंतरिक खालीपन
भगित (भक्ति) भगवान के प्रति प्रेम ईश्वर के साथ अटूट आत्मीय संबंध

पंक्ति-दर-पंक्ति भावार्थ | Line-by-Line Explanation

"तेरा दर मिल गया मुझको, सहारा मिल गया मुझको..."
इस पंक्ति में भक्त अपनी कृतज्ञता व्यक्त कर रहा है कि हे बाबा! मुझे आपकी चौखट क्या मिली, मुझे जीवन जीने का एक नया संबल और सहारा मिल गया।

"भटके थे राहों में हम, कोई मंजिल न थी अपनी..."
अंधकार और मोह-माया में भटकते हुए जब जीवन का कोई उद्देश्य नहीं बचा था, तब आपकी कृपा ने सही दिशा दिखाई।

"दुनिया की ठोकरों ने जब बिल्कुल तोड़ था डाला..."
जब सांसारिक लोगों और परिस्थितियों ने आहत कर दिया, तब आपने आकर गले लगाया और जीवन को सँवार दिया।

भजन से जुड़े मंत्र एवं श्लोक | Related Mantra & Shlok

खाटू श्याम बाबा के स्मरण और इस भजन के पाठ के साथ निम्नलिखित महामंत्र का जाप अत्यंत फलदायी माना जाता है:

ॐ श्री श्याम देवाय नमः

हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा। जो इस मंत्र का निरंतर जाप करता है, उसके सभी कष्ट स्वतः ही दूर हो जाते हैं। आप श्री हनुमान चालीसा लिरिक्स का पाठ भी संकट मोचन के रूप में कर सकते हैं।

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

बिंदु विवरण
भजन का नाम तेरा दर मिल गया मुझको (Tera Dar Mil Gaya Mujhko)
गायक राज पारेख (Raj Pareek)
आरध्य देव खाटू श्याम बाबा (श्री बर्बरीक जी)
भाषा सरल हिंदी / ब्रज
विषय / थीम भक्ति, पूर्ण शरणागति और विश्वास
मुख्य भाव कृतज्ञता और प्रेम (Devotion & Gratitude)
उपयुक्त अवसर एकादशी, जागरण, संकीर्तन और दैनिक पूजा

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

इस अत्यंत लोकप्रिय और भावपूर्ण भजन के गायक प्रसिद्ध युवा भजन कलाकार राज पारेख (Raj Pareek) हैं, जिनकी मधुर आवाज ने इसे भक्तों के बीच अमर कर दिया है।

यह भजन कलयुग के अवतारी भगवान खाटू श्याम बाबा (श्री बर्बरीक जी) को समर्पित है, जिन्हें हारे का सहारा कहा जाता है।

इस भजन को आप प्रातःकाल पूजा के समय, संध्या वंदन के दौरान, एकादशी के पावन पर्व पर, या किसी भी श्याम संकीर्तन और जागरण में सुन या गा सकते हैं।

इस भजन का मुख्य संदेश यह है कि जब मनुष्य जीवन की कठिनाइयों से हार जाता है और भगवान श्याम के चरणों में शरण लेता है, तो उसे असीम शांति, सुरक्षा और जीवन का सही मार्ग मिल जाता है।

हाँ, घटोत्कच के पुत्र और मौरवी के नंदन बर्बरीक ने महाभारत युद्ध में अपने शीश का बलिदान दिया था, जिससे प्रसन्न होकर भगवान श्री कृष्ण ने उन्हें कलियुग में 'श्याम' नाम से पूजे जाने का वरदान दिया था।

निश्चित रूप से। भक्ति संगीत और भगवान के दरबार का स्मरण हमारे मन के तनाव, चिंता और नकारात्मकता को दूर करके मानसिक शांति प्रदान करता है।

आप इस पेज पर दिए गए सम्पूर्ण लिरिक्स को पढ़कर और साथ ही राज पारेख की मूल ऑडियो/वीडियो के साथ अभ्यास करके इसे आसानी से सीख सकते हैं।

हाँ, यह भजन पारिवारिक सत्संग, ढोलक-कीर्तन और श्याम बाबा के चौकी कार्यक्रमों में गाने के लिए सबसे बेहतरीन भजनों में से एक है।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह सामग्री Bhaktilok.in के उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुसार संकलित की गई है। इस लेख में प्रस्तुत भजन लिरिक्स, शब्दार्थ और आध्यात्मिक व्याख्या को प्रामाणिक परंपराओं और भक्तों के अनुभवों के आधार पर संपादकीय रूप से तैयार सामग्री के रूप में प्रस्तुत किया गया है ताकि पाठकों को शुद्ध भक्ति रस की प्राप्ति हो सके।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

  • श्री खाटू श्याम बाबा की पौराणिक कथाएं एवं लोक परंपराएं
  • सनातन भक्ति संगीत एवं संकीर्तन साहित्य
  • राज पारेख द्वारा प्रस्तुत लोकप्रिय श्याम भजन एल्बम एवं प्रस्तुतियां
  • वैदिक एवं पौराणिक संकीर्तन ग्रंथ

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यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 25 Sep 2026

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