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गणेश मंत्र 108 Baar (Ganesh Mantra 108 times) - Ganesh Bhajan SHANKAR SAHNEY

गणेश मंत्र का 108 बार जप करना विघ्नों का नाश तथा समृद्धि की प्राप्ति का मार्ग है। इसे ध्यान और भक्ति से करें।

प्रस्तावना एवं परिचय

गणेश मंत्र: विघ्न विनाशक की आराधना

गणेश मंत्र का जाप आपको समस्त विघ्नों से मुक्त कर, आपके जीवन में सुख और समृद्धि लाएगा।
गणेश मंत्र 108 बार
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः

ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः

ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः

ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः

ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः

ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः

ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः

ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः

ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः

ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः

ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः

ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः

ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः

ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः

ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नम:

(आदि इत्यादि)
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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ गणेश मंत्र के इस भजन में भगवान गणेश के समर्पण और विनम्रता का संदेश है। गणेश जी को समस्त विघ्नों का नाशक एवं प्रसन्नता, ज्ञान, और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। 'ॐ गं गणपतये नमः' का उच्चारण करते हुए श्रद्धालु उन सभी विघ्न बाधाओं का नाश करने की प्रार्थना करते हैं जो जीवन में उत्पन्न होती हैं। इस मन्त्र की गूंज के साथ ही आत्मा को एक नई ऊर्जा और चिंतन की दिशा प्राप्त होती है, जिससे भक्त का मनोबल ऊँचा होता है। जब भक्त इस मंत्र का जप करता है, तो उसके मन में निश्चितता, आशा एवं श्रद्धा का भाव जागृत होता है।
भावार्थ की दृष्टि से देखें तो गणेश मंत्र की प्रत्येक पुनरावृत्ति के साथ भक्त के भीतर भक्ति का संचार होता है। यह मंत्र केवल उच्चारण नहीं है, बल्कि यह एक साधना है, जिससे भक्त अपने मन में शांति और एकाग्रता को अनुभव करता है। हर बार जब 'ॐ गं गणपतये नमः' कहा जाता है, तो मन मस्तिष्क को एक ठोस केंद्र मिलता है। यह कार्य केवल अंतःकरण की शुद्धि का नहीं, बल्कि जीवन में सकारात्मकता का संचार भी करता है। भक्त की भावनाएँ और उसकी आराधना की इच्छा ही उसे सिद्धि की ओर ले जाती हैं।

गणेश मंत्र भक्ति मार्ग का एक अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करता है। इसमें भक्ति, समर्पण, और सच्चाई का समावेश है। गणेश जी के प्रति श्रद्धा से भरा यह मंत्र हमें सिखाता है कि किस प्रकार अपने मन में सकारात्मकता लाते हुए हम विघ्नों को दूर कर सकते हैं। यह भक्ति मार्ग केवल बाहरी पूजा की प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मा की गहराइयों में उतरने का भी एक साधन है। यह हमें अपनी भावनाओं, कठिनाइयों और बाधाओं का सामना करने का साहस भी प्रदान करता है।
🔍 विशेष महत्त्व और लाभ हितोपदेश, उपनिषदों, तथा विभिन्न पुराणों में भगवान गणेश का विशेष स्थान है। गणेश जी को बुद्धि, विवेक और समृद्धि का देवता माना गया है। उन्होंने अपने माता-पिता, शिव-पार्वती के प्रति अपार श्रद्धा और प्रेम से ही इस अनन्य स्थान को प्राप्त किया है। गणेश चतुर्थी पर उनकी आराधना का विशेष महत्व है, इस दिन भक्त जन 108 बार गणेश मंत्र का जाप करके अपने जीवन की सभी विघ्न-बाधाओं को दूर करने का प्रयास करते हैं। पुराणों में यह उल्लेख मिलता है कि चारों वेदों की रचना से पहले गणेश जी ने भगवान नारायण को पहले पूजा कराने का निर्देश दिया था। इससे यह स्पष्ट होता है कि भगवान गणेश की पूजा करना सभी धार्मिक कार्यों का मूल है।
प्रथम पूज्य श्री गणेश जी के जन्म और उनकी कथाओं का संपूर्ण विवरण जानने के लिए ब्रह्म पुराण गणेश महिमा का पाठ करें। गणेश मंत्र का नियमित जाप मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य में सुधार करता है। यह भक्त को शांति और संतुलन का अनुभव करने में मदद करता है। मंत्र के जाप से आत्म-विश्वास में इज़ाफा होता है एवं जीवन में समृद्धि और खुशी की संभावनाएँ बढ़ती हैं। इसके अलावा यह व्यक्ति को सभी प्रकार की विघ्न से दूर रखता है।
🕒 साधना एवं गायन विधि गणेश मंत्र का जाप प्रातःकाल, सूर्योदय से पहले करने का विशेष महत्व है। इसके लिए पूजा स्थान को स्वच्छ एवं पवित्र बनाना चाहिए और एक दीपक जलाकर गणेश जी के चित्र या मूर्ति के सामने बैठना चाहिए। मन में श्रद्धा और आस्था रखते हुए 108 बार इस मंत्र का उचित संकुचन करें, ताकि भक्ति की भावना और स्पष्टता बनी रहे।

�� अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) गणेश मंत्र का प्रमुख उद्देश्य क्या है?गणेश मंत्र का मुख्य उद्देश्य भक्त के जीवन में से सभी विघ्नों को दूर करना और समृद्धि एवं खुशी का संचार करना है।
क्या इस मंत्र का जाप किसी विशेष दिन करना चाहिए?जी हाँ, गणेश चतुर्थी, यानी भगवान गणेश की जयंती पर इस मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना जाता है।
गणेश मंत्र का जाप कैसे प्रभाव डालता है?इस मंत्र का नियमित जाप मनोबल को ऊँचा करता है, मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करता है और भक्त के जीवन में सकारात्मकता लाता है।

संपादकीय रूप से तैयार एवं समीक्षित धार्मिक सामग्री

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

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