प्रभु मोरी नैया पार उतारो लिरिक्स (Prabhu mori naiya paar utaro Lyrics in Hindi) - 


प्रभु मोरी नैया पार उतारो 

मैं डूबत हु मज्धारो

प्रभु मोरी नैया पार उतारो ||


भव सागर जल दुश्तल 

भारी सुजत नाही किनारो

बीच समंधर घोटे खावे 

बिन खेवट मज्धारो

प्रभु मोरी नैया पार उतारो ||


लम्बी लेहर उठे पल पल में 

महि चल चल अधारो

परवल पवन चले निष् वासर

 कहू किस को रंगियारो

प्रभु मोरी नैया पार उतारो ||


हाथ पैर में जोर न मेरे नही 

कोई संग सहारो

ब्रह्मानन्द भरोसो तेरो 

अब नही देर विचारो

प्रभु मोरी नैया पार उतारो ||