नौराते नौ दिन है माई दसम दिन विदाई भजन इन हिंदी लिरिक्स
नौराते नौ दिन है माई
दसम दिन विदाई
मां अपने घर चली
आंगन डगर घर है सूना
है मंदिर भी सूना
मां अपने घर चली
नौराते नौ दिन है माई.......
चौदह भवन की महारानी
आई थी जब खुशी लिए
दूर हुए मन के अंधेरे
किए थे रौशन बुझे दीये
मां मंदिर में रोज तेरे आना
भजन तेरे गाना
खत्म वो दिन हुए
नौराते नौ दिन है माई.......
रो रहा रोम रोम मेरा
मुझे ना मैया तू भूलना
भूल जो भी बच्चों ने कर दी
उसे तू मैया बिसारना
जाते-जाते मेरी मैया
तू पार कर दे नैया
है बालक दर खड़े
नौराते नौ दिन है माई.......
भूल ना सकूंगी मेरी मैया
बड़ी सुहानी थी हर घड़ी
नौ दिन के नौ रूप तेरे
लगा दी दिल में लगन मेरे
पल में दुर्गा पल में बनी काली
बनी रखवाली खिली मन की कली
नौराते नो दिन है माई
दसम दिन विदाई
|| मां अपने घर चली ||