मुझे मेरी मस्ती कहाँ ले के आई (Mujhe Meri Masti Kaha Leke Aayi Lyrics in Hindi) -


मुझे मेरी मस्ती 

कहाँ ले के आई

जहाँ मेरे अपने 

सिवा कुछ नहीं है l

 

पता जब लगा मेरी 

हस्ती का मुझको

सिवा मेरे अपने 

कहीं कुछ नही है ।

मुझे मेरी मस्ती 

कहाँ ले के आई.....||


सभी में सभी में 

फकत मैं ही मैं हूँ

सिवा मेरे अपने 

कहीं कुछ नही है ।

मुझे  मेरी मस्ती  

कहँ ले के आई.....||


ना दुःख है ना सुख है 

ना शोक है कुछ भी

अजब है यह मस्ती 

पीया कुछ नहीं है

मुझे  मेरी मस्ती  

कहँ ले के आई.....||


अरे मैं हूँ आनंद 

आनंद मेरा

मस्ती ही मस्ती 

और कुछ नहीं है

मुझे  मेरी मस्ती  

कहँ ले के आई.....||


भ्रम है द्वन्द है 

जो तुमको हुआ है

हटाया जो उसको 

खदफा कुछ नहीं है

मुझे  मेरी मस्ती  

कहँ ले के आई.....||