Matarani Bhajan मंगलवार विशेष (श्री हनुमान जी व मंगल देव)

मेरी मां आने वाली है लिरिक्स (Meri maa aane wali hai Lyrics in Hindi) - Matarani Bhajan

मेरी मां आने वाली है लिरिक्स पढ़ें। संदर्भ एवं व्याख्या सहित यह लोकप्रिय माता रानी भजन, नवरात्रि विशेष गीत और भक्ति भाव से परिपूर्ण रचना।

माता रानी भजन (Matarani Bhajan)

प्रकाशित तिथि: 2026 | श्रेणी: भक्तिगीत एवं भजन | वाचन समय: 7 मिनट

माता रानी के दरबार की महिमा अपरंपार है, और जब नवरात्रि या किसी विशेष उत्सव का पावन अवसर आता है, तो संपूर्ण वातावरण देवी मां की भक्ति से सराबोर हो जाता है। "मेरी मां आने वाली है" एक अत्यंत लोकप्रिय, ऊर्जावान और भावपूर्ण माता रानी का भजन है, जो हर भक्त के हृदय में उत्साह और आनंद की लहर दौड़ा देता है। इस भजन की पंक्तियाँ भक्तों को मां के स्वागत के लिए तत्पर करती हैं। जब शहर में माता के आगमन का हल्ला मचता है, और पंडालों व दरबारों का भव्य श्रृंगार होता है, तो हर घर में एक उत्सव सा माहौल बन जाता है। इस विस्तृत लेख में हम इस पावन भजन के सम्पूर्ण बोल (Lyrics), उसका गहरा आध्यात्मिक अर्थ, गायन की विधि, और माता की आराधना से मिलने वाले जीवन संदेशों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। यदि आप शेरावाली मां के चरणों में अपनी हाजिरी लगाना चाहते हैं और जागरण या चौकी के दौरान इस भजन को पूरी ऊर्जा के साथ गाना चाहते हैं, तो यह मार्गदर्शिका आपके लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

भजन का मुख्य भाव (Core Bhava)

यह भजन परम उत्साह, उल्लास, और शरणागति के भाव से परिपूर्ण है। इसमें मां दुर्गा के पृथ्वी पर आगमन, उनके भक्तों के कष्टों के निवारण और संपूर्ण वातावरण में भक्ति की गूंज का बहुत ही सजीव चित्रण किया गया है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

पंडाल सजा दरबार सजा मेरी मैया का श्रृंगार सजा
पंडाल सजा दरबार सजा मेरी मैया का श्रृंगार सजा
पंडाल सजा दरबार सजा मेरी मैया का श्रृंगार सजा...
अपने भक्तों के कष्टों को भगाने वाली है
शहर में जय हो शहर में जय मां
शहर में मच गया हल्ला मेरी मां आने वाली है
शहर में मच गया हल्ला देवी मां आने वाली है.......

फूलों के सिंहासन पर आसन लगा है मैया का
सिंह के साथ में सुना है आना होगा भैरव भैया का
फूलों के सिंहासन पर आसन लगा है मैया का
सिंह के साथ में सुना है आना होगा भैरव भैया का
सोई हुई किस्मत को फिर से जगाने वाली है
शहर में जय हो शहर में जय मां
शहर में मच गया हल्ला मेरी मां आने वाली है
शहर में मच गया हल्ला देवी मां आने वाली है.......

जगराते में मां के दर पर झूमने की तैयारी है
सुना है मूर्ति मां की भक्तों सारे जग से प्यारी है
जगराते में मां के दर पर झूमने की तैयारी है
सुना है मूर्ति मां की भक्तों सारे जग से प्यारी है
अपने दर पर सब भक्तों को बुलाने वाली हैं
शहर में जय हो शहर में जय मां
शहर में मच गया हल्ला मेरी मां आने वाली है
शहर में मच गया हल्ला देवी मां आने वाली है.......

अपने भक्तों के कष्टों को भगाने वाली है
शहर में जय हो शहर में जय मां
शहर में मच गया हल्ला मेरी मां आने वाली है
शहर में मच गया हल्ला देवी मां आने वाली है.......

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

यह भजन केवल शब्दों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह एक भक्त के उस आंतरिक उल्लास का प्रतीक है जब उसे यह आभास होता है कि उसकी आराध्य जगदंबे उसके दुखों का अंत करने आ रही हैं।

पंडाल सजा दरबार सजा...: जब नवरात्रि या माता का जागरण होता है, तो भक्त बड़े प्रेम से पंडाल और दरबार को सजाते हैं। मैया का श्रृंगार अनमोल रत्नों और फूलों से किया जाता है। कवि कहते हैं कि ऐसी कृपालु मैया अब अपने भक्तों के सभी प्रकार के कष्टों, दुखों और संकटों को दूर करने के लिए स्वयं प्रकट होने वाली हैं। यही कारण है कि पूरे नगर में आनंद और जयकारों का शोर मच गया है।

फूलों के सिंहासन पर आसन...: मां जगदंबा के स्वागत के लिए फूलों के कोमल और सुगंधित सिंहासन सजाए गए हैं। सनातन परंपरा में मां दुर्गा की सवारी सिंह (शेर) है और उनके दरबार में बाबा भैरवनाथ की उपस्थिति भी अनिवार्य मानी जाती है। यह पंक्ति दर्शाती है कि मां अपने पूरे दिव्य ठाट-बाठ और गणों के साथ आ रही हैं, जो सोई हुई किस्मत और भाग्य को पुनः जगाने की क्षमता रखती हैं।

जगराते में मां के दर पर...: रातभर जागकर मां का गुणगान करने (जागरण) के लिए भक्त पूरी तरह तैयार हैं। मां की मूर्ति और उनका स्वरूप समस्त संसार में सबसे प्यारा और मोहक है। जो भक्त सच्चे मन से मां को पुकारते हैं, मां उन्हें अपने दरबार में अवश्य बुलाती हैं और उनकी झोली खुशियों से भर देती हैं।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • उत्साहवर्धक लय: इस भजन की धुन और ताल इतनी जीवंत है कि यह बच्चों से लेकर वृद्धों तक सभी को झूमने पर विवश कर देती है।
  • भक्ति और उत्सव का संगम: यह भजन केवल रुदन या प्रार्थना का नहीं, बल्कि उत्सव और आनंद मनाने का माध्यम है।
  • कष्ट निवारण का विश्वास: यह भजन भक्तों के मन में यह अटूट विश्वास जगाता है कि मां के आने से उनके सभी संकट समाप्त हो जाएंगे।
  • सामूहिक सहभागिता: जागरण, चौकी और कन्या पूजन के समय इस प्रकार के भजनों को गाने से सामूहिक ऊर्जा में वृद्धि होती है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

माता रानी के भजनों को गाने और सुनने के लिए वैसे तो किसी विशेष समय की बंधन आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि माँ अपने बालकों की पुकार हर पल सुनती हैं। तथापि, कुछ विशेष अवसरों पर इस भजन का गायन विशेष फलदायी माना गया है:

  1. शारदीय एवं चैत्र नवरात्रि: नवरात्रि के नौ दिनों में जब घटस्थापना होती है और माता का आगमन होता है, तब यह भजन घर-घर में गूंजता है।
  2. माता का जागरण या चौकी: रात के समय जब मैया का भव्य दरबार सजता है, तब मुख्य प्रसंग के दौरान यह भजन माहौल को जीवंत बना देता है।
  3. मंगलवार और शुक्रवार की पूजा: मां दुर्गा और संतोषी माता के विशेष वार पर इस भजन का स्मरण मानसिक शांति देता है।
  4. सत्संग और पारिवारिक आयोजन: धार्मिक उत्सवों के दौरान परिवार के साथ मिलकर ताली बजाते हुए इस भजन का आनंद लिया जा सकता है।

भजन से जुड़े देवी-देवता एवं संत | Associated Deity / Saint

इस भजन की केंद्र बिंदु हैं जगत जननी आदिशक्ति मां दुर्गा (शेरावाली)। सनातन संस्कृति में देवी को समस्त ब्रह्मांड की ऊर्जा, चेतना और माता के रूप में पूजा जाता है। इसके साथ ही इस भजन में मां के अनन्य भक्त और क्षेत्रपाल बाबा भैरवनाथ का भी स्मरण किया जाता है, जिनके दर्शन के बिना माता की पूजा अधूरी मानी जाती है।

आप माता की आराधना के साथ-साथ अन्य स्तोत्रों का भी पाठ कर सकते हैं, जैसे कि शक्ति की प्राप्ति के लिए सुब्रह्मण्य अष्टोत्तर शतनामावली का स्मरण भी साधकों को आध्यात्मिक बल प्रदान करता है।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द / वाक्यांश सरल हिंदी अर्थ संदर्भ / भाव
पंडाल सजा हुआ तंबू या मंडप माता के स्वागत के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया स्थान
दरबार माता का स्थान या मंदिर वह पवित्र स्थल जहाँ भक्त अपनी हाजिरी लगाते हैं
श्रृंगार सजावट, आभूषणों से सज्जा माता के विग्रह को सुंदर वस्त्रों व फूलों से सजाना
भैरव भैया बाबा बटुक भैरव माता के दरबार के रक्षक और प्रमुख गण
जगराता रात्रि जागरण रातभर जागकर माता की महिमा का गुणगान करना

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम मेरी मां आने वाली है (Meri Maa Aane Wali Hai)
समर्पित देवता मां दुर्गा / शेरावाली मैया
भाषा सरल हिंदी / ब्रज-अवधी मिश्रित लोक शैली
मुख्य थीम माता का आगमन, उत्साह और उल्लास
भक्ति भाव उत्साह, प्रेम, आनंद और शरणागति
उपयुक्त अवसर नवरात्रि, माता का जागरण, चौकी, मंगलवार पूजा

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

यह भजन मुख्य रूप से शारदीय और चैत्र नवरात्रि, माता के जागरण, माता की चौकी और किसी भी मांगलिक उत्सव के दौरान बहुत उत्साह के साथ गाया जाता है।

इस भजन में जगत जननी मां दुर्गा (शेरावाली) के आगमन का वर्णन है, साथ ही उनके सेवक व रक्षक बाबा भैरवनाथ का भी उल्लेख किया गया है।

हाँ, आप इस भजन को घर पर पूजा के समय, विशेषकर संध्या आरती या नवरात्रि के दिनों में अकेले या परिवार के साथ पूरी श्रद्धा से गा सकते हैं।

इस भजन को गाने से मन का उत्साह बढ़ता है, नकारात्मकता दूर होती है और माता के प्रति प्रेम तथा अटूट विश्वास और अधिक दृढ़ हो जाता है।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह लेख पारंपरिक लोक भजनों और माता रानी की महिमा पर आधारित है। इसे भक्तों की सुविधा के लिए शुद्ध हिंदी में प्रस्तुत किया गया है ताकि वे जागरण या पूजन के दौरान आसानी से पाठ कर सकें।

संपादकीय रूप से तैयार सामग्री

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यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

संदर्भ-आधारित समीक्षा अंतिम अद्यतन: 13 Oct 2026

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