"तेरा मेरा साँवरे ऐसा नाता है" खाटू श्याम बाबा के भक्तों के बीच अत्यंत लोकप्रिय और हृदयस्पर्शी भजन है। यह भजन भक्त और भगवान के बीच के उस अटूट, अलौकिक और प्रेमपूर्ण संबंध को समर्पित है, जिसे शब्दों में पिरोना कठिन है। खाटू नरेश, जिन्हें 'हारे का सहारा' कहा जाता है, अपने भक्तों की पुकार को सदैव सुनते हैं। यह भजन न केवल एक प्रार्थना है, बल्कि यह उस समर्पण का प्रतीक है जहाँ भक्त अपने आराध्य को अपना मीत (मित्र) मानकर उनसे अपने सुख-दुख साझा करता है। इस भजन को सुनने और गाने से मन में शांति, विश्वास और प्रभु के प्रति अटूट प्रेम का संचार होता है।
सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics
तेरा मेरा सांवरे, ऐसा नाता है,
दिन हो चाहे रात हो, तेरा सपना आता है।
तेरा मेरा सांवरे, ऐसा नाता है...
मीत बना तू मेरा और प्रीत लगाई ऐसी,
दुनिया बनाने वाले, ये रीत चलाई कैसी?
ना जाने तू कैसा-कैसा खेल रचाता है,
तेरा मेरा सांवरे, ऐसा नाता है...
जिसको भी तू चाहे, उसको अपना बना ले,
सब कुछ तेरे वश में, तुम हो करने वाले।
कर ना सके कोई भी, वो तू करके दिखाता है,
तेरा मेरा सांवरे, ऐसा नाता है...
अब ना टूटे कान्हा, ये तेरा मेरा बंधन,
मेरी कुछ भी नहीं है, तेरा तुझको अर्पण।
बनवारी इस दिल को, केवल तू ही भाता है,
तेरा मेरा सांवरे, ऐसा नाता है...
दिन हो चाहे रात हो, तेरा सपना आता है।
भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth
इस भजन का भावार्थ भक्त की प्रभु के प्रति अनन्य निष्ठा को दर्शाता है। भक्त कहता है कि हे सांवरे! हमारा और आपका संबंध इतना गहरा है कि हर पल, चाहे दिन हो या रात, मुझे केवल आपका ही ध्यान रहता है। आपने मुझे अपना मित्र बनाया और ऐसी प्रीत लगाई कि अब यह संसारिक बंधन गौण हो गए हैं। भक्त प्रभु की लीलाओं पर आश्चर्य व्यक्त करता है कि आप कैसे-कैसे खेल रचते हैं। आगे भक्त कहता है कि आप सर्वशक्तिमान हैं, आप जिसे चाहें उसे अपना बना लेते हैं। जो कार्य कोई नहीं कर सकता, उसे आप पल भर में कर दिखाते हैं। अंत में, भक्त अपना सर्वस्व प्रभु को समर्पित करते हुए कहता है कि अब यह बंधन कभी न टूटे, क्योंकि मेरा कुछ भी नहीं है, सब कुछ आपका ही है।
भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance
- भक्ति का स्वरूप: यह भजन 'सख्य भाव' की भक्ति को दर्शाता है, जहाँ भक्त भगवान को अपना मित्र मानता है।
- खाटू श्याम महिमा: यह भजन विशेष रूप से खाटू श्याम जी के भक्तों के लिए है, जो उनके प्रति अटूट विश्वास को प्रकट करता है।
- समर्पण का संदेश: "तेरा तुझको अर्पण" की भावना इस भजन का मूल मंत्र है, जो अहंकार को मिटाने में सहायक है।
भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing
इस भजन को किसी भी समय सुना जा सकता है, लेकिन एकांत में बैठकर या खाटू श्याम जी की पूजा के समय इसे गाना अत्यंत फलदायी होता है। इसे सुबह की प्रार्थना या संध्या आरती के बाद गाना मन को शांति प्रदान करता है।
भजन से जुड़े देवी-देवता एवं संत | Associated Deity / Saint
यह भजन भगवान श्री कृष्ण के स्वरूप 'खाटू श्याम' (बर्बरीक) को समर्पित है। खाटू श्याम जी को कलयुग का अवतार माना जाता है, जो अपने भक्तों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं।
भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| सांवरे | श्याम वर्ण वाले, भगवान श्री कृष्ण |
| नाता | संबंध, रिश्ता |
| मीत | मित्र, सखा |
| अर्पण | समर्पित करना, भेंट करना |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
यह भजन किस देवता को समर्पित है?
यह भजन खाटू श्याम (भगवान श्री कृष्ण) को समर्पित है।
इस भजन को गाने का सबसे अच्छा समय क्या है?
इसे आप अपनी सुविधा और भक्ति भाव के अनुसार कभी भी गा सकते हैं, विशेषकर पूजा के समय।
क्या इस भजन को सुनने से मन को शांति मिलती है?
हाँ, यह भजन भक्ति रस से परिपूर्ण है और इसे सुनने से मन को असीम शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
खाटू श्याम कौन हैं?
खाटू श्याम जी महाभारत के वीर बर्बरीक हैं, जिन्हें भगवान कृष्ण ने कलयुग में पूजे जाने का वरदान दिया था।
क्या यह भजन किसी विशेष उत्सव पर गाया जाता है?
इसे फाल्गुन मेले या श्याम बाबा के किसी भी विशेष उत्सव पर गाया जा सकता है।
'तेरा तुझको अर्पण' का क्या अर्थ है?
इसका अर्थ है कि जो कुछ भी मेरे पास है, वह सब प्रभु का ही दिया हुआ है और मैं उसे उन्हीं को समर्पित करता हूँ।
क्या इस भजन के बोल कठिन हैं?
नहीं, इसके बोल अत्यंत सरल और हृदय को छू लेने वाले हैं।
क्या मैं इसे घर पर गा सकता हूँ?
बिल्कुल, आप इसे अपने घर पर, मंदिर में या किसी भी सत्संग में गा सकते हैं।
संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ
संपादकीय रूप से तैयार सामग्री। यह भजन खाटू श्याम भक्ति परंपरा के लोकप्रिय गीतों में से एक है। संदर्भ हेतु विभिन्न श्याम भजन संग्रहों का उपयोग किया गया है।
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