Shri Shani Dev Arati

5+ बेस्ट श्री राम भजन इन हिन्दी ( Best Shri Ram Bhajans Lyrics in Hindi) - नॉन स्टॉप श्री राम भजन - Shri Ram Bhakti Geet Lyrics - Bhaktilok

63 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
आकार:
कंट्रास्ट:

प्रस्तावना एवं परिचय

सम्पूर्ण मूल पाठ एवं पवित्र श्लोक

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें


नॉन स्टॉप श्री राम भजन - Shri Ram Bhakti Geet Lyrics - 

  1. रघुपति राघव राजाराम ( Raghupati Raghav Raja Ram Bhajan Hindi Lyrics )
  2. तूने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का (Tune Ajab Racha Bhagawan Khilouna Mati Ka Lyrics in Hindi )
  3. ईश्वर जो कुछ करता है अच्छा ही करता है (Ishwar Jo Kuchh Karata Hai Achha Hi Karata Hai Lyrics in Hindi )
  4. आरती श्री रामायण जी की लिरिक्स (  Aarati Shri Ramayan Ji Ki Lyrics Ramayan Aarti Lyrics in Hindi )
  5. प्रभु मुझ अनाथ पर दया कीजिये (prabhu mujh anath par daya kijiye Lyrics in hindi)

रघुपति राघव राजाराम ( Raghupati Raghav Raja Ram Bhajan Hindi Lyrics ) 

भजन: रघुपति राघव राजा राम
रघुपति राघव राजा राम.
पतित पावन सीता राम।
सीता राम सीता राम.
भज प्यारे तू सीता राम।
रघुपति राघव राजा राम.
पतित पावन सीता राम।
ईश्वर अल्लाह तेरो नाम.
सबको सन्मति दे भगवान।
रघुपति राघव राजा राम.
पतित पावन सीता राम।
जय रघुनंद जय सियाराम.
जानकी वल्लभ सीताराम।
रघुपति राघव राजा राम.
पतित पावन सीता राम।
कौशल्या के प्यारे राम.
दशरथ राज दुलारे राम।
रघुपति राघव राजा राम.
पतित पावन सीता राम।
लखन भरत के प्यारे राम.
हनुमत के हो सहारे राम।
रघुपति राघव राजा राम.
पतित पावन सीता राम।
रात को निंदिया दिन तो काम.
कभी भजोगे प्रभु का नाम।
करते रहिये अपने काम.
लेते रहिये हरि का नाम।
रघुपति राघव राजा राम.
पतित पावन सीता राम।

तूने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का (Tune Ajab Racha Bhagawan Khilouna Mati Ka Lyrics in Hindi )

तूने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का
माटी का रे माटी का
तूने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का
कान दिए हरी भजन सुनन को,
तू मुख से करे गुणगान खिलौना माटी का
तूने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का
जीबा दी हरी भजन करन को
दी आँखे करन पेहचान खिलौना माटी का
तूने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का
शीश दिया गुरु चरण झुकन को
और हाथ दिए कर दान खिलौना माटी का
तूने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का
सत्य नाम का बना के बेडा
और उतरे भव से पार खिलौना माटी का
तूने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का

ईश्वर जो कुछ करता है अच्छा ही करता है (Ishwar Jo Kuchh Karata Hai Achha Hi Karata Hai Lyrics in Hindi )

ईश्वर जो कुछ करता है अच्छा ही करता है
अच्छा ही करता है अच्छा ही करता है
मानव तू परिवर्तन से काहे को डरता है
काहे को डरता है
ईश्वर जो कुछ करता है अच्छा ही करता है।।
जब से दुनिया बनी है तब से रोज बदलती है
जो शय आज यहां है कल वो आगे चलती है
देख के अदला बदली तू आहेँ क्यों भरता है
आहेँ क्यों भरता है
ईश्वर जो कुछ करता है अच्छा ही करता है।।
दुख सुख आते जाते रहते सबके जीवन में
पतझड़ और बहारें दोनों जैसे गुलशन में
चढ़ता है तूफान कभी और कभी उतरता है
कभी उतरता है
ईश्वर जो कुछ करता है अच्छा ही करता है।।
कितनी लम्बी रात हो फिर भी दिन तो आएगा
जल में कमल खिलेगा फिर से वो मुसकाएगा
देता है जो कष्ट वही कष्टों को हरता है
कष्टों को हरता है
ईश्वर जो कुछ करता है अच्छा ही करता है।।
वो ही दाना फलता है जो मिट्टी में मिल जाए
सहे पथिक जो कांटे वही मञ्जिल अपनी पाए
भट्टी में पड़कर सोने का रंग निखरता है
रंग निखरता है
ईश्वर जो कुछ करता है अच्छा ही करता है।।
मानव तू परिवर्तन से काहे को डरता है
ईश्वर जो कुछ करता है अच्छा ही करता है।।

आरती श्री रामायण जी की लिरिक्स (  Aarati Shri Ramayan Ji Ki Lyrics Ramayan Aarti Lyrics in Hindi )

आरती श्री रामायण जी की,
कीरत कलित ललित सिय पिय की।
गावत ब्रह्मादिक मुनि नारद,
बाल्मीक विज्ञानी विशारद,
शुक सनकादि शेष अरु सारद,
बरनी पवन सुत कीरति निकी,
आरती श्री रामायण जी कीं,
कीरत कलित ललित सिय पिय की।
गावत संतन शम्भु भवानी,
अरु घट सम्भव मुनि विज्ञानी,
व्यास आदि कवि बर्ज बखानी,
काग भूसुंडि गरुड़ के हि की,
आरती श्री रामायण जी कीं,
कीरत कलित ललित सिय पिय की।
चारों वेद पुराण अष्टदस,
छओ शास्त्र सब ग्रंथन को रस,
तन मन धन संतन को सर्बस,
सार अंश सम्मत सब ही की,
आरती श्री रामायण जी कीं,
कीरत कलित ललित सिय पिय की।
कलिमल हरनि विषय रस फीकी,
सुभग सिंगार मुक्ती जुबती की,
हरनि रोग भव भूरी अमी की,
तात मात सब विधि तुलसी की,
आरती श्री रामायण जी की,
कीरत कलित ललित सिय पिय की।
आरती श्री रामायण जी की,
कीरत कलित ललित सिय पिय की।
आरती श्री रामायण जी की
कीरत कलित ललित सिय पिय की।
गावत ब्रह्मादिक मुनि नारद
बाल्मीक विज्ञानी विशारद।
शुक सनकादि शेष अरु सारद
वरनि पवन सुत कीरति निकी।।
आरती श्री रामायण जी की
संतन गावत शम्भु भवानी
असु घट सम्भव मुनि विज्ञानी।
व्यास आदि कवि पुंज बखानी
काकभूसुंडि गरुड़ के हिय की।।
आरती श्री रामायण जी की
चारों वेद पूरान अष्टदस
छहों होण शास्त्र सब ग्रंथन को रस।
तन मन धन संतन को सर्वस
सारा अंश सम्मत सब ही की।।
आरती श्री रामायण जी की …
कलिमल हरनि विषय रस फीकी
सुभग सिंगार मुक्ती जुवती की।
हरनि रोग भव भूरी अमी की
तात मात सब विधि तुलसी की ।।
आरती श्री रामायण जी की 

प्रभु मुझ अनाथ पर दया कीजिये (prabhu mujh anath par daya kijiye Lyrics in hindi)

प्रभु मुझ अनाथ पर दया कीजिये
आप अपने चरणों को धुला लीजिये
मेरे घट आ गए है चरण को बढाईये
आईये करीब आके चरण को धुलायिये
हाथ मेरी माथे पर रख दीजिये
आप अपने चरणों को धुला लीजिये
रीतियों से केवटो का पार करना काम है
पार करते आप सबको केवटो का नाम है
मेरी हर बात पर गौर कीजिये
आप अपने चरणों को धुला लीजिये
चरण को धुला करके नाव में बिठाया
नाव में बिठा कर के पार पहुचाया
पार किया है तुमको मुझे तारिये  
आप अपने चरणों को धुला लीजिये
प्रभु मुझ अनाथ पे दया कीजिये
आप अपने चरणों को धुला लीजिये

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें।

साझा करें:

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "5+ बेस्ट श्री राम भजन इन हिन्दी ( Best Shri Ram Bhajans Lyrics in Hindi) - नॉन स्टॉप श्री राम भजन - Shri Ram Bhakti Geet Lyrics - Bhaktilok" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र का स्मरण कराता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के सिद्धांतों के अनुसार, राम का नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है। इस भजन की लय और शब्द भक्त को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ते हैं।

भजन का प्रमुख भाव शरणागति का है। जब जीव समस्त सांसारिक प्रपंचों से थककर भगवान राम के चरणों में शरण लेता है, तो उसे परम अभय की प्राप्ति होती है। राम नाम की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और अंतःकरण में धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

सनातन ग्रंथों के अनुसार, राम नाम का जाप कलयुग का सर्वश्रेष्ठ साधन माना गया है। वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में राम नाम की असीम महिमा गाई गई है। यह भजन साधक के मन में वैराग्य, संयम, दया और कर्तव्य परायणता जैसे नैतिक मूल्यों का संचार करता है।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। राम नाम के संकीर्तन से व्यक्ति का आत्मबल जागृत होता है, भय तथा शंकाओं का नाश होता है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखने की शक्ति प्राप्त होती है। यह पारिवारिक सौहार्द और मर्यादा की स्थापना में सहायक है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

राम भजन का संकीर्तन प्रातःकाल स्नान के पश्चात राम दरबार की प्रतिमा के सम्मुख घी का दीपक जलाकर करें। तुलसी की माला से राम नाम का जप करने के पश्चात इस भजन का गायन अत्यंत फलदायी होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

राम भजन के गायन से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?

राम भजन के संकीर्तन से मानसिक शांति, उत्तम चरित्र, और विपत्तियों में धैर्य बनाए रखने का आत्मबल प्राप्त होता है।

राम नाम जप के लिए सर्वश्रेष्ठ माला कौन सी है?

भगवान श्री राम के मंत्र जाप और संकीर्तन के लिए तुलसी की माला को सर्वश्रेष्ठ और अत्यंत पवित्र माना गया है।

क्या राम भजन बच्चों के संस्कारों के लिए उपयोगी है?

हाँ, भगवान राम के मर्यादापूर्ण चरित्र के भजन सुनने से बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान, सत्यप्रियता और उच्च नैतिक संस्कारों का विकास होता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!