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सोमवार शिवजी भजन ( Shiv Bhajans Lyrics in Hindi) - GULSHAN KUMAR Morning Shiv Bhajans - Bhaktilok

92 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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सोमवार का दिन देवादिदेव महादेव की आराधना के लिए अत्यंत पावन और फलदायी माना गया है। गुलशन कुमार द्वारा प्रस्तुत 'मॉर्निंग शिव भजन' न केवल कानों को मधुरता प्रदान करते हैं, बल्कि साधक के अंतर्मन में शिव के प्रति अटूट श्रद्धा और वैराग्य का भाव जागृत करते हैं। इन भजनों में शिव की भस्म आरती, डमरू की गूंज, और हिमालय की शांत गुफाओं में ध्यानमग्न महादेव का जो चित्रण मिलता है, वह भक्त को सांसारिक मोह-माया से मुक्त कर आत्म-साक्षात्कार की ओर ले जाता है। शिव का अर्थ ही 'कल्याण' है, और इन भजनों का श्रवण करना स्वयं को शिव की अनंत चेतना में विलीन करने जैसा है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

(मुखड़ा)
हे शंभू बाबा मेरे भोलेनाथ, तीन लोक में तू ही तू है,
तेरा ही जलवा, तेरा ही साया, हर जगह तू ही तू है।
सोमवार की पावन बेला, तेरा नाम जपे ये सारा जग,
हे नीलकंठ, हे महाकाल, तू ही आदि, तू ही अंत है।

(अंतरा 1)
भस्म रमाए, जटा बढ़ाए, गले में सर्पों की माला है,
कैलाश पर्वत पर रहते, तू ही तो सबका रखवाला है।
तेरी डमरू की धुन से गूंजे, ये सारा ब्रह्मांड प्रभु,
तू ही तो है सृष्टि का स्वामी, तू ही तो है अखंड प्रभु।

(अंतरा 2)
विष का प्याला तूने पिया, जग को बचाने के लिए,
अमृत दिया है भक्तों को, अपनी शरण में लाने के लिए।
तेरी जटा से गंगा निकली, पावन करती ये धरा,
तेरे चरणों में झुकता है, ये सारा संसार खड़ा।

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

इस भजन का मुख्य भाव 'शरणागति' है। भक्त भगवान शिव को 'शंभू बाबा' कहकर संबोधित करता है, जो एक पिता के समान सुरक्षा और प्रेम का प्रतीक है। 'तीन लोक में तू ही तू है' का अर्थ है कि शिव ही इस चराचर जगत के आधार हैं। जब हम सोमवार के दिन इन भजनों का गायन करते हैं, तो हम शिव के उस स्वरूप का ध्यान करते हैं जो विष पीकर भी शांत रहता है (नीलकंठ)। यह भजन हमें सिखाता है कि जिस प्रकार शिव ने संसार के कल्याण के लिए विष धारण किया, उसी प्रकार हमें भी अपने जीवन के दुखों को सहकर दूसरों के प्रति करुणा का भाव रखना चाहिए।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • वैराग्य का प्रतीक: यह भजन भक्त को भौतिक सुखों से ऊपर उठकर शिव की भक्ति में लीन होने की प्रेरणा देता है।
  • मानसिक शांति: गुलशन कुमार द्वारा गाए गए इन भजनों की लयबद्धता मन को एकाग्र करने में सहायक है।
  • सोमवार का व्रत: सोमवार को इन भजनों का पाठ करने से शिव की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है और चंद्र दोष का निवारण होता है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इन भजनों को ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 4 से 6 बजे) के बीच सुनना या गाना सबसे उत्तम माना गया है। पूजा स्थल पर शुद्ध होकर, शिवजी के समक्ष दीपक जलाकर और जल अर्पित करने के बाद इन भजनों का संकीर्तन करना चाहिए।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द अर्थ
शंभू कल्याण करने वाले
नीलकंठ जिनका कंठ नीला है (विषपान के कारण)
भस्म राख, जो नश्वरता का प्रतीक है
आदि-अंत जिसका न कोई प्रारंभ है न अंत

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

सोमवार भगवान शिव का प्रिय दिन है। इस दिन शिव भक्ति से मानसिक शांति और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

जी हाँ, आप इन्हें अपने पूजा घर में या ध्यान के समय श्रद्धापूर्वक गा सकते हैं।

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संपादकीय रूप से तैयार सामग्री।

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समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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