लप लप जीभ निकाली रण चली भवानी (Ran Chali Re Bhawani Lyrics in Hindi) - Chhappan Indori Navratra Special - Bhaktilok
लप लप जीभ निकाली रण चली भवानी (Ran Chali Re Bhawani Lyrics in Hindi) -
ध्याऊँ तो मैय्या ने ध्याऊँ, और न ध्याऊँ कोय।
सौ दुश्मन में चला जाऊ, तो मेरा बाल न बांका होय।।
कर के अखियाँ लाल माँ निकल रण में
ज्वाला धधक रही है माँ तेरे नैनन में
तो कहते है
लप लप लप लप लप लप
अरे लप लप जीभ निकली रण चली भवानी
लप लप जीभ निकली रण चली भवानी
चली रे भवानी रण चली रे भवानी ×2
नी माँ मुण्डल माला धारी हो रण चली रे भवानी
लप लप जीभ निकली रण चली भवानी
माथे पे मुकुट कान में बाली..2
नी माँ मुंडुल मालाधारी रण चली रे भवानी
लप लप जीब निकली रण चली रे भवानी..
दानव मारन चली रे भवानी..2
लेकर फरसाधारी रण चली रे भवानी
लप लप जीब निकली रण चली रे भवानी..
बड़ी बड़ी मैया ने आँखे निकाली..2
प्यारी प्यारी मैया ने आँखे निकाली
आज भई मतवाली रण चली रे भवानी
लप लप जीब निकली रण चली रे भवानी..
लाल तुमारा अर्जी लगाये
चरणों मे तेरे शीश झुकाए
माँ रक्षा करो हमारी रण चली रे भवानी
लप लप जीब निकली रण चली रे भवानी