Ram Bhajan

मेरे राम सब का भला कीजिए भजन लिरिक्स

203 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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Ram Bhajan

मेरे राम सब का भला कीजिए भजन लिरिक्स

भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह पावन भजन "मेरे राम सब का भला कीजिए भजन लिरिक्स" मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के अनंत करुणा, वात्सल्य और सर्वकल्याणकारी स्वरूप का अत्यंत भावुक और मधुर स्मरण कराता है। सनातन हिंदू धर्म और भक्ति परंपरा में राम नाम का केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि असीम आध्यात्मिक महत्व है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस तथा वाल्मीकि रामायण के सिद्धांतों के अनुसार, राम का नाम समस्त दुखों का निवारण करने वाला और जीव को भवसागर से पार लगाने वाला सर्वोत्तम साधन माना गया है। इस भजन की लय, धुन और शब्द साधक को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ते हैं, जहाँ राग-द्वेष और संताप से मुक्त होकर परम शांति की प्राप्ति होती है। प्रातःकालीन बेला में या संध्या वंदना के समय इस भजन का गायन मन को एकाग्र, निर्मल और सात्विक ऊर्जा से परिपूर्ण कर देता है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

।। मेरे राम सब का भला कीजिए ।।

मेरे राम सब का भला कीजिए,
सब पर कृपा अपनी सदा रखिए।
जो शरण तिहारी जो आ जाए,
उसके सारे संकट को हर लीजिए..
मेरे राम सब का भला कीजिए...

दीनों के नाथ तुम दुखियों के सहारे,
भटके हुओं को तुम देते हो किनारे।
कोई न पराया यहाँ सब हैं तुम्हारे,
चरणों में हमको भी आश्रय दीजिए..
मेरे राम सब का भला कीजिए...

मन की विशुद्धि और बुद्धि का उजाला,
दे दो हमें हे प्रभु प्रेम की माला।
जगत में बहे प्रेम की पावन धारा,
सबके दुखों को अब दूर कीजिए..
मेरे राम सब का भला कीजिए...

तुलसी के स्वामी तुम, भक्तों के प्राण,
तुझसे ही मिलती है हमको पहचान।
गाते रहें सदा हम तो तेरे ही गुणगान,
भक्ति का ऐसा वरदान दीजिए..
मेरे राम सब का भला कीजिए,
सब पर कृपा अपनी सदा रखिए।

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

यह भजन शुद्ध शरणागति (Surrender) और विश्वकल्याण (Universal Welfare) की भावना पर आधारित है। भारतीय संस्कृति का मूल मंत्र 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' इस भजन के कण-कण में समाहित है। जब भक्त भगवान श्री राम से अपने लिए कुछ मांगने के स्थान पर 'सबका भला' करने की प्रार्थना करता है, तो उसकी संकीर्ण मानसिकता समाप्त हो जाती है और उसमें विशाल हृदय तथा परोपकार की भावना जागृत होती है।

भजन की पहली पंक्ति "मेरे राम सब का भला कीजिए" यह दर्शाती है कि राम भक्त कभी भी स्वार्थी नहीं होता। वह पूरे संसार, मित्र-शत्रु, प्राणी-मात्र के कल्याण की कामना करता है। भगवान राम स्वयं दया के सागर हैं, जिन्हें 'दीनबंधु' और 'कारुण्यनिधि' कहा गया है। जो भी मनुष्य अहंकार का त्याग करके प्रभु के चरणों में शरण लेता है, प्रभु उसके सभी कष्टों और दुखों का अंत कर देते हैं। इस भजन का आंतरिक भाव यह सिखाता है कि राम नाम का स्मरण करने मात्र से जीवन के सभी विकार नष्ट हो जाते हैं और साधक के भीतर करुणा, क्षमा, प्रेम और सेवा जैसे मानवीय गुणों का सहज विकास होता है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • ✨ विश्वकल्याण की भावना: यह भजन केवल व्यक्तिगत प्रार्थना न होकर समस्त मानवता और प्रकृति के कल्याण की कामना करता है।
  • ✨ शरणागति का मार्ग: भगवान राम के चरणों में पूर्ण समर्पण और अटूट विश्वास की प्रेरणा देता है।
  • ✨ मानसिक शांति: इस भजन का निरंतर श्रवण और गायन मन के तनाव, अवसाद और विकारों को दूर कर गहरी शांति प्रदान करता है।
  • ✨ सनातन परंपरा: वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस के आदर्शों के अनुरूप जीवन जीने की प्रेरणा देता है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

भजन गायन और श्रवण के लिए कोई कठोर नियम नहीं हैं, तथापि भक्ति ग्रंथों और संतों के अनुसार कुछ विशेष अवसरों पर इसके स्मरण से विशेष आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है:

1. प्रातःकालीन बेला: सूर्योदय से पूर्व या प्रातः काल स्नान के पश्चात शांत चित्त से इस भजन को गुनगुनाने से पूरा दिन सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहता है।

2. संध्या वंदना एवं पूजा: शाम के समय दीपक प्रज्वलित करने के पश्चात परिवार के साथ बैठकर इस भजन का संकीर्तन करने से घर में पारिवारिक सौहार्द और सुख-शांति बनी रहती है।

3. सत्संग एवं अनुष्ठान: रामायण पाठ, सुंदरकांड पाठ, रामनवमी उत्सव या किसी भी धार्मिक अनुष्ठान के दौरान सामूहिक रूप से इस भजन को गाना अत्यंत आनंददायक होता है।

भजन से जुड़े देवी-देवता एवं संत | Associated Deity / Saint

इस भजन के केंद्र में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम, माता सीता और उनके परम भक्त हनुमान जी हैं। सनातन परंपरा में गोस्वामी तुलसीदास, संत कबीर, सूरदास और संत रामानंद जैसे महापुरुषों ने राम नाम की महिमा का प्रचार-प्रसार किया। राम नाम वह तारक मंत्र है जिसे स्वयं महादेव शिव काशी में मरने वाले जीवों के कान में तारक मंत्र के रूप में जपते हैं। इस भजन के माध्यम से साधक उसी अद्वैत और करुणामय राम तत्व से जुड़ता है जो घट-घट वासी और कण-कण में व्याप्त हैं।

भजन की रचना एवं पृष्ठभूमि | Composition & Background

"मेरे राम सब का भला कीजिए" भजन आधुनिक एवं पारंपरिक लोक-भक्ति संगीत शैली का एक अत्यंत सुंदर मिश्रण है। इसे समकालीन राम भक्तों और संगीतकारों द्वारा इस प्रकार रचा गया है कि आम जनमानस इसे आसानी से गुनगुना सके। इसकी धुन में करुणा, विनय और प्रार्थना का अनूठा समन्वय है। इस प्रकार के भजन लोक संस्कृति से उपजे हैं जो सीधे हृदय को स्पर्श करते हैं और जन-जन में राम भक्ति की अलख जगाते हैं।

भजन की भाषा एवं काव्य शैली | Language & Literary Style

इस भजन की भाषा सरल, सुबोध और प्रवाहमयी हिंदी (खड़ी बोली एवं अवधी मिश्रित) है। इसमें अत्यधिक कठिन संस्कृत के शब्दों के स्थान पर सहज भावुक शब्दों का प्रयोग किया गया है ताकि बच्चे, युवा और वृद्ध सभी इसे आसानी से समझ सकें और गा सकें। काव्य शैली की दृष्टि से यह एक गेय पद है जिसमें अनुप्रास और सादगीपूर्ण तुकांत का सुंदर प्रयोग हुआ है, जो श्रोताओं के मन में स्वतः रस और भक्ति भाव उत्पन्न कर देता है।

भजन में व्यक्त आध्यात्मिक संदेश एवं जीवन सीख | Spiritual Message & Life Lessons

इस भजन से हमें निम्नलिखित महत्वपूर्ण जीवन मूल्य प्राप्त होते हैं:

  • 🌱 परोपकार की भावना: अपना भला चाहने के साथ-साथ सम्पूर्ण मानवता के कल्याण की सोच रखना ही सच्ची मानवता है।
  • 🌱 अहंकार का त्याग: संकट के समय प्रभु के चरणों में पूर्ण रूप से समर्पित हो जाना ही सबसे बड़ा बल है।
  • 🌱 सच्चा संतोष: भौतिक वस्तुओं की दौड़ से परे आंतरिक शांति और भगवान की भक्ति ही जीवन का परम लक्ष्य है।
  • 🌱 समानता का भाव: संसार में कोई भी पराया नहीं है, सब एक ही परमपिता परमात्मा की संतान हैं (श्री हनुमान चालीसा में भी इसी सेवा भाव का वर्णन मिलता है)।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द / वाक्यांश सरल अर्थ संदर्भ / प्रसंग
दीनों के नाथ गरीबों और असहायों के स्वामी भगवान राम की करुणा का वर्णन
शरणागति भगवान के चरणों में स्वयं को समर्पित करना भक्त का समर्पण भाव
संकट हरना दुखों और परेशानियों को दूर करना राम जी की कृपा शक्ति
विशुद्धि मन और विचारों की पवित्रता आध्यात्मिक शुद्धि की प्रार्थना

पंक्ति-दर-पंक्ति भावार्थ | Line-by-Line Explanation

"मेरे राम सब का भला कीजिए, सब पर कृपा अपनी सदा रखिए।"
इस पंक्ति में भक्त की विशाल हृदयता दिखाई देती है। वह भगवान से अपने अकेले के लिए वरदान न मांगकर पूरे संसार के कल्याण और प्रभु की निरंतर कृपा की भीख मांगता है।

"दीनों के नाथ तुम दुखियों के सहारे, भटके हुओं को तुम देते हो किनारे।"
यहाँ भगवान राम के उस बिरले स्वभाव का स्मरण कराया गया है जो हमेशा से दलित, पीड़ित और भटके हुए जीवों को सही मार्ग दिखाकर उन्हें भवसागर से पार लगाते आए हैं।

भजन से जुड़े मंत्र एवं श्लोक | Related Mantra & Shlok

लोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु

अर्थात्: संसार के सभी जीव सुखी और आनंदित हों।

श्री राम राम रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्रनाम तत्तुल्यं राम नाम वरानने॥

अर्थात्: विष्णु सहस्रनाम के समान ही पावन और प्रभावशाली है भगवान राम का नाम।

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम मेरे राम सब का भला कीजिए भजन लिरिक्स (Mere Ram Sab Ka Bhala Kijiye)
ाराध्य देव मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम
भाषा सरल हिंदी / अवधी मिश्रित
मुख्य भाव शरणागति, विश्वकल्याण, करुणा और विनय
उपयुक्त अवसर प्रातःकालीन वंदना, संध्या आरती, सत्संग, रामनवमी
मुख्य लाभ मानसिक शांति, सकारात्मकता और परोपकार की भावना

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. "मेरे राम सब का भला कीजिए" भजन किस देवता को समर्पित है?

यह भजन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम को समर्पित है, जो करुणा, धर्म और मर्यादा के प्रतीक हैं।

Q2. इस भजन को गाने का सबसे उत्तम समय कौन सा है?

इस भजन को प्रातः काल उठकर स्नान के पश्चात या संध्या कालीन पूजा के समय गाना सबसे उत्तम माना जाता है।

Q3. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?

इस भजन का मुख्य संदेश संपूर्ण विश्व का कल्याण, दीन-दुखियों की सहायता और भगवान के चरणों में पूर्ण समर्पण है।

Q4. क्या इस भजन को घर में सत्संग के दौरान गाया जा सकता है?

हाँ, यह भजन सामूहिक रूप से सत्संग, रामायण पाठ और रामनवमी के पावन पर्व पर गाने के लिए अत्यंत मधुर और उपयुक्त है।

Q5. राम नाम के स्मरण से जीवन में क्या लाभ होता है?

राम नाम के निरंतर स्मरण से मन के विकार दूर होते हैं, मानसिक शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है।

Q6. क्या यह भजन बच्चों को सिखाया जा सकता है?

निश्चित रूप से, इसकी सरल भाषा और सुंदर धुन के कारण बच्चे इसे बहुत जल्दी सीख लेते हैं जिससे उनमें अच्छे संस्कारों का बीजजारोपण होता है।

Q7. क्या इस भजन को गाने के लिए किसी विशेष शास्त्रीय ज्ञान की आवश्यकता है?

नहीं, इस भजन को गाने के लिए किसी कठिन शास्त्रीय संगीत की आवश्यकता नहीं है, इसे केवल सच्चे भाव और श्रद्धा के साथ गाया जा सकता है।

Q8. रामचरितमानस में राम नाम की क्या महिमा बताई गई है?

संत तुलसीदास जी के अनुसार राम नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है और यह कलियुग में भवसागर से तरने का अचूक साधन है।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

Bhaktilok.in पर प्रस्तुत यह लेख सनातन धार्मिक ग्रंथों, पारंपरिक संकीर्तन परंपरा और लोक साहित्य के गहन अध्ययन पर आधारित है। पाठकों की आध्यात्मिक जिज्ञासा को शांत करने और उन्हें शुद्ध एवं प्रामाणिक सामग्री प्रदान करने के लिए इसे विशेष रूप से तैयार किया गया है।

संपादकीय रूप से तैयार सामग्री — सभी तथ्य और भावार्थ सनातन भक्ति परंपरा के अनुसार सत्यापित हैं।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

  • 📖 रामचरितमानस - गोस्वामी तुलसीदास जी
  • 📖 वाल्मीकि रामायण - महर्षि वाल्मीकि
  • 📖 सनातन भक्ति संगीत एवं लोक संकीर्तन परंपरा

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श्रेणियां: Ram Bhajan

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यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 25 Sep 2026

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