Shyam Sambhalega | श्याम सम्भालेगा | Shyam Parivaar Ke Sadsya Ki Kahani | Vivek Sharma - BhaktiLok


Shyam Sambhalega | श्याम सम्भालेगा | Shyam Parivaar Ke Sadsya Ki Kahani | Vivek Sharma

 


ज़िन्दगी से हर मुसीबत श्याम टालेगा 
आज तक जिसने सम्भाला वही सम्भालेगा

हर घडी हर पल जो तेरा ध्यान रखता है 
जग के आगे हर दफा सम्मान रखता है 
कैसे तूने सोचा वो तुझको भुला देगा 
ज़िन्दगी से हर मुसीबत श्याम टालेगा 

जो भी दे लेले ख़ुशी से तर्क ना करना 
कण मिले या घण मिले तू फर्क ना करना 
जितनी झोली में ज़रूरत उतना डालेगा 
ज़िन्दगी से हर मुसीबत श्याम टालेगा 

की प्रभु ने हर मुसीबत चुटकियों में हल 
श्याम के आगे ना चलता मुश्किलों का बल 
तेरी कमज़ोरी को ये ताक़त बना देगा 
ज़िन्दगी से हर मुसीबत श्याम टालेगा 

डूब जाए नाव तेरी है नहीं मुमकिन 
कह दे माधव कुछ नहीं तू सांवरे के बिन 
बीच मझधारों को ये साहिल बना देगा
ज़िन्दगी से हर मुसीबत श्याम टालेग