तेरा लख-लख शुक्र करा माँ झंडेया वाली

तेरा लख-लख शुक्र करा माँ झंडेया वाली,
चरना विच बक्शी था माँ झंडेया वाली,
|| तेरा लख-लख शुक्र करा ||

तेरा दरबार साडे दिला दा ठिकाना है,
मुड मुड बचेया ने माँ दे कोल आना है,
नित देवी तू खुशियाँ माँ झंडेया वाली,
|| तेरा लख-लख शुक्र करा ||

दोष कदे बचेया दे चेते नहियो रखदी,
भगता दी भगती नु कदे न परख दी,
कर दी ममता दी छा माँ झंडेया वाली,
|| तेरा लख-लख शुक्र करा ||

जदों दी मैया तू साडी बाह फड लई है,
जिन्दगी दे विच कोई थोड भी न रही है,
सब पुरे हुए अरमान माँ झंडेया वाली,
|| तेरा लख-लख शुक्र करा ||

लफ्जा दे विच किवे करा मैं बखान माँ,
रब नालो उची सूचि लगे तेरी शान माँ,
साहिल हर दम सिमरा माँ झंडेया वाली,
|| तेरा लख-लख शुक्र करा ||