Parvati Stotram

भजन - राम ना चलेंगे हनुमान के बिना लिरिक्स इन हिंदी - भक्ति लोक

165 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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प्रस्तावना एवं परिचय

सम्पूर्ण मूल पाठ एवं पवित्र श्लोक

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें।

रामायण में हनुमान

महाकाव्य रामायण में हनुमान का नाम  श्री भक्त शिरोमणि भगवान श्री राम के परम भकत के रूप में आता है | महाबली हनुमान अतयंत शक्तिशाली के  साथ साथ  वेदो और पुराणों के ज्ञाता  थे |  राक्षस रावण ने निर्वासित राजकुमार श्री भक्त शिरोमणि भगवान श्री राम  की पत्नी माता  सीता का अपहरण कर लिया। जब रावण अपने जन्मे रथ में  माता सीता का हरण कर रहा था, तब माता  सीता ने कुछ वानरों को एक पर्वत के ऊपर देखा और अपने  गहने नीचे फेंक दिए, यह आशा करते हुए कि अलंकारों वाले बंदर उसके पति  भगवान श्री राम  का ध्यान आकर्षित करेंगे जो निश्चित रूप से उसी वन  में उसे खोज रहे थे। महाबली  हनुमान भी  इन चार बंदरों में से एक थे। इस वानर समूह ने  भगवान श्री राम को  माता सीता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वानरों ने ही   भगवान श्री राम को समुद्र के पार एक पुल बनाने में मदद की, और एक वानर सेना के साथ  विशालकाय समुन्द्र पार किया | जहा  भगवान श्री राम ने राक्षस  के गढ़ को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया और माता  सीता को मुक्त कर दिया।

राम ना चलेंगे हनुमान के बिना लिरिक्स इन हिंदी

राम न चलेंगे हनुमान के बिना, पार न लगोगे श्री राम के बिना, राम न मिलेंगे हनुमान के बिना।
राम ना मिलेंगे हनुमान के बिना श्री राम ना मिलेंगे हनुमान के बिना।
वेदों ने पुराणों ने कहा डाला राम जी का साथी बजरंग बाला।
जीये हनुमान न राम के बिना, राम भी रहे न हनुमान के बिना।
जग के जो पालन हारे हैं उनको हनुमान बड़े प्यारे हैं।
कर लो सिफ़ारिश दाम के बिना रास्ता ना मिलेगा हनुमान के बिना।
जिनका भरोसा वीर हनुमान उनका बिगाड़ता नहीं कोई काम।
लक्खा कहे सुनो हनुमान के बिना, कुछ न मिलेगा गुणगान के बिना।
दुनिया चले ना श्री राम के बिना,,
राम जी चले ना हनुमान के बिना ।
जब से रामायण पढ़ ली है, एक बात मैंने समझ ली है,,
रावण मरे ना श्री राम के बिना, लंका जले ना हनुमान के बिना ॥
लक्मण का बचना मुश्किल था, कौन बूटी लाने के काबिल था,,
लक्मण बचे ना श्री राम के बिना, बूटी मिले ना हनुमान के बिना ॥
सीता हरण की कहानी सुनो, बनवारी मेरी जुबानी सुनो,,
वापिस मिले ना श्री राम के बिना, पता चले ना हनुमान के बिना ॥
बैठे सिंघासन पे श्री राम जी, चरणों में बैठे हैं हनुमान जी,,
मुक्ति मिले ना श्री राम के बिना, भक्ति मिले ना हनुमान के बिना ॥

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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "भजन - राम ना चलेंगे हनुमान के बिना लिरिक्स इन हिंदी - भक्ति लोक" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र का स्मरण कराता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के सिद्धांतों के अनुसार, राम का नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है। इस भजन की लय और शब्द भक्त को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ते हैं।

भजन का प्रमुख भाव शरणागति का है। जब जीव समस्त सांसारिक प्रपंचों से थककर भगवान राम के चरणों में शरण लेता है, तो उसे परम अभय की प्राप्ति होती है। राम नाम की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और अंतःकरण में धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

सनातन ग्रंथों के अनुसार, राम नाम का जाप कलयुग का सर्वश्रेष्ठ साधन माना गया है। वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में राम नाम की असीम महिमा गाई गई है। यह भजन साधक के मन में वैराग्य, संयम, दया और कर्तव्य परायणता जैसे नैतिक मूल्यों का संचार करता है।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। राम नाम के संकीर्तन से व्यक्ति का आत्मबल जागृत होता है, भय तथा शंकाओं का नाश होता है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखने की शक्ति प्राप्त होती है। यह पारिवारिक सौहार्द और मर्यादा की स्थापना में सहायक है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

राम भजन का संकीर्तन प्रातःकाल स्नान के पश्चात राम दरबार की प्रतिमा के सम्मुख घी का दीपक जलाकर करें। तुलसी की माला से राम नाम का जप करने के पश्चात इस भजन का गायन अत्यंत फलदायी होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

राम भजन के गायन से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?

राम भजन के संकीर्तन से मानसिक शांति, उत्तम चरित्र, और विपत्तियों में धैर्य बनाए रखने का आत्मबल प्राप्त होता है।

राम नाम जप के लिए सर्वश्रेष्ठ माला कौन सी है?

भगवान श्री राम के मंत्र जाप और संकीर्तन के लिए तुलसी की माला को सर्वश्रेष्ठ और अत्यंत पवित्र माना गया है।

क्या राम भजन बच्चों के संस्कारों के लिए उपयोगी है?

हाँ, भगवान राम के मर्यादापूर्ण चरित्र के भजन सुनने से बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान, सत्यप्रियता और उच्च नैतिक संस्कारों का विकास होता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

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