Shyam Bhajan

तुम्हारे ही सहारे है मेरी नैया खाटूवाले | Tumhare Hi Sahare Hai Lyrics in Hindi | Sad Shyam Bhajan by Mukesh Bagda - BhaktiLok

81 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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श्याम भजन | Sad Shyam Bhajan

तुम्हारे ही सहारे है मेरी नैया खाटूवाले | Tumhare Hi Sahare Hai Lyrics in Hindi | Mukesh Bagda

प्रस्तुतकर्ता: भक्तलोक संपादकीय टीम | अपडेटेड: २०२६

कलिजात जीवात्मा के लिए भगवान श्री श्याम बाबा (खाटू श्याम जी) की शरण ही एकमात्र ऐसा आश्रय है जहाँ आकर हर दुखी मन को शांति और संबल प्राप्त होता है। प्रसिद्ध गायक मुकेश गाडगे (Mukesh Bagda) की सुमधुर और भावपूर्ण आवाज़ में गाया गया यह सदाबहार भजन "तुम्हारे ही सहारे है मेरी नैया खाटूवाले" अनन्य प्रेम, विरह, अगाध समर्पण और परम विनय का एक जीवंत प्रतीक है। जब जीवन की कठिनाइयाँ और सांसारिक दुखों के भवसागर में मनुष्य की नैया डोलने लगती है, तब खाटू वाले बाबा का स्मरण ही उसके उद्धार का मार्ग बनता है। यह भजन साधक के अंतर्मन को झंकृत कर उसमें भक्ति रूपी अमृत का संचार करता है और यह सिखाता है कि हारे का सहारा केवल खाटू श्याम ही है।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

मुख्य मुखड़ा (Refrain)

तुम्हारे ही सहारे है मेरी नैया खाटूवाले,
चलाओ या डुबाओ अब मर्जी है तुम्हारी...
तुम्हारे ही सहारे है मेरी नैया खाटूवाले...


प्रथम अंतरा

सुना है हमने बाबा, तू हारे का सहारा,
इसी उम्मीद पे मैंने, दर तेरा पुकारा।
भटकता फिर रहा हूँ मैं, अंधेरी रातों में,
कोई रस्ता नहीं सूझे, इन मुश्किल हालातों में।
बचा लो आन मेरी ओ खाटूवाले...
चलाओ या डुबाओ अब मर्जी है तुम्हारी...

द्वितीय अंतरा

ज़माने की ये दुनिया, सब मतलब की यार है,
मुसीबत में यहाँ हर कोई, बेगाना यार है।
तूही मेरा है साजन, तू ही मेरी है मंजिल,
तेरे चरणों में कट जाए, मेरी ये सारी महफ़िल।
लगा दो पार नैया ओ खाटूवाले...
चलाओ या डुबाओ अब मर्जी है तुम्हारी...

अन्तिम अंतरा एवं समापन

उम्र भर की कमाई है, यही बाबा की भक्ति,
तुम्हीं से मिल रही मुझको, ये जीने की शक्ति।
मुकेश गागा गाये ये, तेरे दर पे पुकार,
सुन लो श्याम प्यारे अब, लगा दो मेरी पार।
तुम्हारे ही सहारे है मेरी नैया खाटूवाले,
चलाओ या डुबाओ अब मर्जी है तुम्हारी...

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

यह भजन केवल कुछ शब्दों का संग्रह नहीं है, बल्कि एक भक्त और उसके आराध्य श्री खाटू श्याम (जिसे कलयुग के अवतारी बाबा बर्बरीक के रूप में पूजा जाता है) के बीच संवाद का मार्मिक दस्तावेज है।

मुखड़े का भाव: "तुम्हारे ही सहारे है मेरी नैया खाटूवाले..." पंक्ति साधक की पूर्ण शरणागति (Surrender) को दर्शाती है। भक्त भगवान के समक्ष अपने अहंकार का त्याग कर अपनी जीवन रूपी नाव को पूरी तरह से श्याम बाबा के हाथों में सौंप देता है। वह कहता है कि अब इस नैया को पार लगाना या भंवर में डुबाना पूरी तरह से आपकी इच्छा पर निर्भर है, क्योंकि मेरे पास आपके सिवा कोई अन्य विकल्प या रक्षक नहीं है।

अंतरों का आध्यात्मिक संदेश: संसार की असारता और स्वार्थी स्वभाव का वर्णन करते हुए भजन हमें यह याद दिलाता है कि सांसारिक संबंध केवल सुख के साथी होते हैं। संकट के समय केवल भगवान श्याम ही एकमात्र ऐसे साले सांवरिया हैं जो बिना किसी शर्त के अपने भक्तों की पुकार सुनते हैं। 'हारे का सहारा' शीर्षक से विख्यात बाबा श्याम अपने हर उस भक्त की नैया पार लगाते हैं जो सच्चे दिल से उनकी चौखट पर माथा टेकता है।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

  • पूर्ण शरणागति (Total Surrender): यह भजन जीव को सिखाता है कि अपनी समस्त चिंताओं को प्रभु के चरणों में समर्पित कर देना ही सच्ची भक्ति है।
  • भावनात्मक जुड़ाव: मुकेश गाडगे की रसीली आवाज़ इस भजन को एक गहरा और उदास (Sad Bhava) स्वर देती है जो साधक की आंखें नम कर देता है और रुदन भरी भक्ति को जगाता है।
  • कलयुग के प्रधान देवता: खाटू श्याम जी को कलयुग में हारे हुए का सहारा माना गया है, और यह भजन उसी धार्मिक मान्यता को बल देता है।
  • मानसिक शांति: तनावपूर्ण आधुनिक जीवन में जब व्यक्ति मानसिक अवसाद से जूझता है, तब इस प्रकार के संकीर्तन और भजन अंतर्मन को सुकून प्रदान करते हैं।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

इस प्रकार के भावुक और शांत श्याम भजनों को सुनने या गुनगुनाने का कोई निश्चित समय नहीं होता, किंतु एकांत में, रात्रि के शांत वातावरण में या सुबह की पूजा के समय इसका स्मरण विशेष फलदायी होता है।

  • नित्य पूजा के समय: घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करने के पश्चात श्याम बाबा का ध्यान करते हुए इसे सुन सकते हैं।
  • श्याम जागरण एवं संकीर्तन: फाल्गुन मास के मेलों, एकादशी महोत्सव या मासिक कीर्तन के दौरान सामूहिक रूप से इस भजन को गाकर माहौल को भक्तिमय बनाया जाता है।
  • मानसिक अशांति के समय: जब भी जीवन में निराशा या अकेलापन महसूस हो, इस भजन को सुनकर बाबा से प्रार्थना करनी चाहिए।

भजन से जुड़े देवी-देवता एवं संत | Associated Deity / Saint

इस भजन के केंद्र में महाभारत के वीर योद्धा महाबली घटोत्कच के पुत्र और मौरवी के नंदन श्री खाटू श्याम बाबा (बर्बरीक) हैं। बर्बरीक ने भगवान श्री कृष्ण को अपने शीश का दान देकर कलयुग में उनके ही नाम से पूजे जाने का वरदान प्राप्त किया था। यही कारण है कि उन्हें 'हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा' कहा जाता है। इस भजन को लोकप्रिय बनाने वाले प्रमुख भजन गायक मुखेड़ गाडगे (Mukesh Bagda) हैं, जिनकी आवाज़ में श्याम प्रेमियों के प्रति अद्वितीय स्पंदन झलकता है।

भजन की रचना एवं पृष्ठभूमि | Composition & Background

खाटू श्याम जी के दरबार में अनगिनत भजन रचे गए हैं, लेकिन जो भजन भक्त के आंसू और उसकी पुकार को सीधे शब्दों में पिरोते हैं, वे सदा के लिए अमर हो जाते हैं। "तुम्हारे ही सहारे है मेरी नैया" भजन की रचना राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र और खाटू धाम की असीम प्रेरणा से उपजी है। इस भजन की धुन बहुत ही कर्णकटु और सुरीली होने के साथ-साथ एक दर्द भरा अहसास कराती है जो श्याम भक्तों को सीधे बाबा के दरबार से जोड़ देती है।

भजन की भाषा एवं काव्य शैली | Language & Literary Style

यह भजन सरल और सुबोध हिंदी तथा राजस्थानी लोकभाषा की शब्दावली में रचित है। इसमें रूपक अलंकार और उपमा का सुंदर प्रयोग किया गया है, जहाँ जीवन को एक 'नैया' (नाव) और संसार को 'भवसागर' के रूप में चित्रित किया गया है। शब्दों की सादगी ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है, जो अनपढ़ से लेकर शिक्षित भक्त के दिल तक आसानी से उतर जाती है।

भजन में व्यक्त आध्यात्मिक संदेश एवं जीवन सीख | Spiritual Message & Life Lessons

इस भजन से हमें निम्नलिखित महत्वपूर्ण आध्यात्मिक शिक्षाएं मिलती हैं:

  • अहंकार का त्याग: मनुष्य को अपने बल और बुद्धि का घमंड छोड़कर प्रभु की शरण में जाना चाहिए।
  • संकट में धैर्य: कठिन समय में घबराने के बजाय भगवान पर अटूट विश्वास रखना चाहिए।
  • सच्ची मित्रता और आश्रय: सांसारिक मोह-माया के रिश्तों से ऊपर उठकर परमेश्वर को अपना सब कुछ मानना ही असली भक्ति है।
  • आप इस प्रकार की अन्य पावन रचनाओं के लिए हमारा श्री श्याम भजन संग्रह पढ़ सकते हैं तथा शक्ति प्राप्ति हेतु श्री हनुमान चालीसा का नियमित पाठ कर सकते हैं।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द / वाक्यांश सरल हिंदी अर्थ संदर्भ / भाव
नैया नाव (Boat) मानव जीवन या शरीर का प्रतीक
खाटूवाले श्री खाटू श्याम जी राजस्थान के सीकर स्थित प्रसिद्ध धाम के देवता
हारे का सहारा निराश लोगों की मदद करने वाला बाबा श्याम की मुख्य उपाधि
शरणागति पूर्ण समर्पण अपने आपको भगवान के हवाले कर देना

पंक्ति-दर-पंक्ति भावार्थ | Line-by-Line Explanation

"सुना है हमने बाबा, तू हारे का सहारा..." - भक्त कहता है कि मैंने संतों और अन्य भक्तों से यह सुना है और अनुभव किया है कि जब दुनिया में इंसान हर तरफ से हार जाता है, तब आप ही उसे जीत का रास्ता दिखाते हैं।
"इसी उम्मीद पे मैंने, दर तेरा पुकारा..." - इसी अटूट विश्वास और आशा के साथ मैंने अपनी आँखें बंद करके केवल आपका ही आह्वान किया है।
"चलाओ या डुबाओ अब मर्जी है तुम्हारी..." - अब मेरी इस जीवन रूपी नाव की पतवार पूरी तरह से आपके हाथों में है। आप इसे भवसागर के उस पार ले जाएं या बीच में डुबो दें, मुझे आपकी हर इच्छा स्वीकार है।

भजन से जुड़े मंत्र एवं श्लोक | Related Mantra & Shlok

ॐ श्री श्याम देवाय नमः

हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा।

"अनन्या सोचन्तो मां यो जनाः पर्युपासते। तेषां नित्याभियुक्तानां योगक्षेमं वहाम्यहम्॥"

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम तुम्हारे ही सहारे है मेरी नैया खाटूवाले
आराध्य देव श्री खाटू श्याम बाबा (बर्बरीक जी)
गायक / कलाकार मुखेड़ गाडगे (Mukesh Bagda)
भाषा हिंदी / राजस्थानी मिश्रित
भजन का प्रकार सैड श्याम भजन (Sad Shyam Bhajan) / भक्ति रस
प्रमुख भाव शरणागति, विरह, विनय और प्रेम
उपयुक्त अवसर एकादशी, श्याम संकीर्तन, जागरण एवं नित्य स्मरण

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

यह लोकप्रिय भजन प्रसिद्ध भजन गायक श्री मुकेश गाडगे (Mukesh Bagda) द्वारा अपनी सुमधुर आवाज़ में गाया गया है।

महाभारत काल में बर्बरीक ने हारे हुए पक्ष (पांडवों के हारने की स्थिति में उनके साथ लड़ने) का साथ देने का वचन दिया था। इसी कारण उन्हें कलयुग में 'हारे का सहारा' कहा जाता है।

इस भजन को आप सुबह की पूजा के समय, एकादशी के पावन पर्व पर, या एकांत में मानसिक शांति के समय सुन सकते हैं। यह मन को भावुक और शांत करता है।

हाँ, यह भजन श्याम संकीर्तन, मासिक कीर्तन और जागरण के दौरान गाने के लिए अत्यंत लोकप्रिय और उपयुक्त है।

श्री खाटू श्याम जी का मुख्य और भव्य मंदिर राजस्थान राज्य के सीकर जिले के खाटू कस्बे में स्थित है।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह आलेख और भजन के बोल पूरी तरह से पारंपरिक स्रोतों, लोकगीतों और श्री खाटू श्याम जी की महिमा पर आधारित हैं। इसे पाठकों की सुविधा और आध्यात्मिक रुचि को ध्यान में रखते हुए संपादकीय रूप से तैयार सामग्री के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यदि आप इस भजन या श्याम बाबा से जुड़े किसी अन्य प्रसंग की जानकारी चाहते हैं, तो हमारे अन्य लेखों का अवलोकन कर सकते हैं।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

  • पारंपरिक खाटू श्याम संकीर्तन ग्रंथ एवं भजन संग्रह।
  • श्री खाटू श्याम मंदिर समिति, खाटू धाम की ऐतिहासिक और धार्मिक पुस्तिकाएं।
  • भक्तलोक श्याम भजन अनुसंधान एवं संपादन अभिलेख।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 24 Sep 2026

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