Shyam Bhajan

भूखे है श्याम तेरे नाम के | Bhookhe Hain Shyam Tere Naam Ke | Khatu Shyam Bhajan | Pinky Mishra - BhaktiLok

67 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
आकार:
कंट्रास्ट:
श्यामा भजन संकीर्तन

भूखे है श्याम तेरे नाम के | Bhookhe Hain Shyam Tere Naam Ke | Khatu Shyam Bhajan | Pinky Mishra

श्रेणी: Shyam Bhajan | प्रस्तुतकर्ता: BhaktiLok Editorial Team

सनातन संस्कृति और खाटू श्याम जी के दरबार में संकीर्तन का एक अत्यंत विशिष्ट और अलौकिक स्थान है। जब कोई भक्त पूरी तन्मयता से यह पुकारता है कि "भूखे है श्याम तेरे नाम के", तो वह केवल शब्दों का उच्चारण नहीं कर रहा होता, बल्कि उसकी अंतरात्मा की वह गहरी भूख होती है जो भौतिक सुख-सुविधाओं से परे केवल प्रभु के पावन नाम के रसपान के लिए व्याकुल होती है। प्रसिद्ध भजन गायिका पिंकी मिश्रा (Pinky Mishra) की मधुर वाणी और भावपूर्ण शैली में गाया गया यह लोकप्रिय खाटू श्याम भजन देश-विदेश के श्याम प्रेमियों के बीच अत्यधिक आदर और श्रद्धा के साथ सुना और गाया जाता है। इस विस्तृत मार्गदर्शिका में हम इस पावन भजन के संपूर्ण बोल, उसके आध्यात्मिक निहितार्थ, भक्ति भाव, श्रवण की विधि और जीवन पर पड़ने वाले उसके गहरे प्रभावों का संपूर्ण विश्लेषण प्रस्तुत कर रहे हैं।

सम्पूर्ण भजन लिरिक्स | Complete Bhajan Lyrics

स्थाई (मखड़ा):

भूखे है श्याम तेरे नाम के,
प्यासे है श्याम तेरे धाम के।
दर पे तेरे आए हैं हम आस लगाकर,
सुध लो हमारी बाबा दिल को मनाकर।

अंतरा 1:

दुनिया की ठोकरों से जब दिल ये घबराया,
तेरा ही नाम बाबा हमने पुकारा पाया।
तू हारे का सहारा जग में कहाता है,
मुश्किल में जो भी आए तू पार लगाता है।
भूखे है श्याम तेरे नाम के...

अंतरा 2:

मांगना क्या तुझसे बाबा तू सब कुछ जानता है,
जो दिल का हाल तेरा हर भक्त मानता है।
बस एक झलक पा लें चरणों की धूली की,
किस्मत चमक उठेगी इस दास की भूली की।
भूखे है श्याम तेरे नाम के...

अंतरा 3:

पिंकी मिश्रा गाए महिमा तेरी निराली,
कोई ना यहाँ से लौटे बाबा खाली झोली खाली।
खाटू के राजा तू तो सबका है प्यारा,
तेरे सिवा ना मेरा दुनिया में गुजारा।
भूखे है श्याम तेरे नाम के, प्यासे है श्याम तेरे धाम के।

भजन का सरल हिंदी अर्थ एवं भावार्थ | Bhajan Meaning & Bhavarth

यह भजन केवल एक संगीतिक रचना नहीं है, बल्कि यह एक भक्त की अपने आराध्य खाटू श्याम (श्री बर्बरीक जी) के प्रति अनन्य शरणागति का जीवंत दस्तावेज है। "भूखे है श्याम तेरे नाम के" पंक्ति में 'भूख' शब्द भौतिक भोजन की नहीं, बल्कि आध्यात्मिक क्षुधा (spiritual hunger) का प्रतीक है। जिस प्रकार शरीर को जीवित रखने के लिए अन्न की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार जीवात्मा को आंतरिक शांति और परम आनंद के लिए केवल भगवान के पावन नाम के जाप की आवश्यकता होती है।

भजन के माध्यम से गायिका पिंकी मिश्रा ने यह दर्शाया है कि सांसारिक प्रलोभनों और दुखों से त्रस्त मनुष्य जब चारों ओर से निराश हो जाता है, तब उसे केवल भगवान के दरबार (धाम) और उनके नाम में ही सच्ची शांति मिलती है। खाटू श्याम बाबा को 'हारे का सहारा' माना जाता है, और यह भजन उसी अटूट विश्वास को पुनर्जीवित करता है कि जो भी सच्चे मन से बाबा की चौखट पर आता है, उसकी झोली कभी खाली नहीं रहती।

भजन की मुख्य विशेषताएं एवं महत्व | Highlights & Spiritual Significance

खाटू श्याम जी की महिमा कलयुग में अपरंपार है। इस भजन की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • सरल और सहज भाषा: भजन के बोल अत्यंत सरल हिंदी और ब्रज-राजस्थानी मिश्रित भाव में हैं, जिन्हें आम जनमानस आसानी से समझ सकता है और गा सकता है।
  • भक्ति रस की प्रधानता: इसमें विनय, प्रेम, विरह और समर्पण का अनूठा संगम देखने को मिलता है।
  • मानसिक शांति का स्रोत: इस भजन के नियमित श्रवण से मन का तनाव कम होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
  • सामूहिक संकीर्तन के लिए उपयुक्त: श्याम बाबा के भक्तों की मंडली में कीर्तन और जागरण के दौरान यह भजन विशेष रूप से पसंद किया जाता है।

भजन गायन व श्रवण का समय एवं विधि | When & How to Sing

भक्ति संगीत का पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए उचित समय और विधि का ध्यान रखना आवश्यक माना जाता है:

  • सर्वोत्तम समय: ब्रह्म मुहूर्त (प्रातःकाल 4 से 6 बजे) या संध्या बेला में स्नान-ध्यान के पश्चात इस भजन को सुनना अत्यंत फलदायी होता है।
  • स्थान: घर के पूजा कक्ष में घी का दीपक प्रज्वलित करके अथवा खाटू श्याम जी के चित्र के समक्ष बैठकर इसे सुनना चाहिए।
  • विशेष अवसर: एकादशी, द्वादशी, फाल्गुन मास के लक्खी मेले अथवा किसी भी धार्मिक अनुष्ठान और जागरण के समय इस भजन का सामूहिक गायन विशेष रूप से किया जाता है।

भजन से जुड़े देवी-देवता एवं संत | Associated Deity / Saint

इस भजन के केंद्र में महाभारत काल के महान योद्धा और भगवान श्री कृष्ण द्वारा 'हारे का सहारा' बनने का वरदान प्राप्त वीर बर्बरीक यानी हमारे अपने खाटू श्याम बाबा हैं। कलयुग में भगवान कृष्ण ने उन्हें अपने ही नाम 'श्याम' से पूजे जाने का वरदान दिया था। वहीं, इस भजन को अपनी सुरीली और मनमोहک आवाज से सजाने वाली प्रख्यात भजन गायिका पिंकी मिश्रा हैं, जिन्होंने अपनी मधुर साधना से लाखों श्याम प्रेमियों को बाबा के चरणों से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया है।

भजन की रचना एवं पृष्ठभूमि | Composition & Background

खाटू श्याम जी के संकीर्तन साहित्य में समकालीन भजन रचनाओं का बहुत बड़ा योगदान रहा है। 'भूखे है श्याम तेरे नाम के' भजन आधुनिक श्याम संकीर्तन परंपरा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इसमें पारंपरिक लोक धुनों और आधुनिक संगीत संयोजन (Music Arrangement) का ऐसा सुंदर मेल किया गया है जो युवा वर्ग से लेकर बुजुर्गों तक सभी को झूमने और बाबा की भक्ति में लीन होने के लिए विवश कर देता है।

भजन की भाषा एवं काव्य शैली | Language & Literary Style

इस भजन की भाषा लोक-सुलभ हिंदी है जिसमें प्रवाहमयता (Flow) और लयात्मकता का विशेष ध्यान रखा गया है। 'नाम के' और 'धाम के', 'लगाकर' और 'मनाकर' जैसे अंत्यानुप्रास (Rhyming) इस भजन को गाने में अत्यंत सहज बनाते हैं। साहित्यिक दृष्टि से इसमें भक्ति रस, माधुर्य गुण और शरणागति भाव की त्रिवेणी प्रवाहित होती है।

भजन में व्यक्त आध्यात्मिक संदेश एवं जीवन सीख | Spiritual Message & Life Lessons

यह भजन हमें सिखाता है कि मनुष्य जीवन की असली पूंजी धन-दौलत नहीं, बल्कि ईश्वर के प्रति अटूट प्रेम और विश्वास है। जब हम अपनी अहंता (Ego) को त्यागकर बाबा के चरणों में समर्पण करते हैं, तो हमारे जीवन के समस्त संकट स्वतः ही दूर होने लगते हैं। यह हमें धैर्य, संतोष और भगवान के प्रति निष्काम भक्ति का संदेश देता है।

भजन के प्रमुख शब्दों का अर्थ | Important Word Meanings

शब्द / वाक्यांश सरल अर्थ संदर्भ / भाव
भूखे है नाम के भगवान के नाम के भूखे होना ईश्वर के नाम स्मरण के प्रति तीव्र लालसा या प्यास
धाम के पवित्र तीर्थ स्थल या दरबार खाटू श्याम जी का पावन मंदिर
हारे का सहारा जो निराश या पराजित व्यक्तियों की सहायता करे खाटू श्याम बाबा की प्रमुख उपाधि
चरणों की धूली चरणों की धूल अत्यंत विनम्रता का भाव, भगवान का आशीर्वाद

पंक्ति-दर-पंक्ति भावार्थ | Line-by-Line Explanation

"भूखे है श्याम तेरे नाम के, प्यासे है श्याम तेरे धाम के।" - इस पंक्ति का अर्थ है कि हे श्याम बाबा! हमें संसार की किसी वस्तु की लालसा नहीं है, हमारी आत्मा तो केवल आपके नाम का जाप करने और आपके पवित्र धाम के दर्शन करने के लिए भूखी-प्यासी है।

"दुनिया की ठोकरों से जब दिल ये घबराया, तेरा ही नाम बाबा हमने पुकारा पाया।" - जब सांसारिक लोग हमें दुखों और कठिनाइयों के थपेड़े देते हैं, तब केवल आपका ही नाम ऐसा है जो हमें संबल और संबल प्रदान करता है।

भजन से जुड़े मंत्र एवं श्लोक | Related Mantra & Shlok

खाटू श्याम जी के स्मरण के समय निम्नलिखित मंत्र का जाप करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है:

ॐ श्री श्याम देवाय नमः

हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा।

एक नजर में भजन की जानकारी | Bhajan Quick Information

भजन का नाम भूखे है श्याम तेरे नाम के (Bhookhe Hain Shyam Tere Naam Ke)
आराध्य देव खाटू श्याम बाबा (श्री बर्बरीक जी)
गायिका पिंकी मिश्रा (Pinky Mishra)
संगीत शैली श्याम भजन / संकीर्तन
भाषा हिंदी / ब्रज भाव
मुख्य भाव शरणागति, प्रेम और भक्ति
श्रेणी Shyam Bhajan

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

इस लोकप्रिय भजन को प्रसिद्ध भजन गायिका पिंकी मिश्रा (Pinky Mishra) ने अपनी मधुर वाणी में गाया है।

खाटू श्याम बाबा महाभारत के वीर योद्धा घटोत्कच के पुत्र बर्बरीक हैं। भगवान श्री कृष्ण ने उन्हें कलयुग में अपने ही नाम 'श्याम' से पूजे जाने का वरदान दिया था।

इस भजन को प्रातः काल पूजा के समय, संध्या वंदन के दौरान या श्याम बाबा के किसी भी जागरण व कीर्तन में एकाग्र चित्त होकर सुनना चाहिए।

इस भजन का मुख्य संदेश ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम, पूर्ण शरणागति और सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर केवल भगवान के नाम का स्मरण करना है।

संपादकीय समीक्षा एवं संदर्भ

यह लेख पारंपरिक संकीर्तन साहित्य, खाटू श्याम जी से जुड़ी लोक मान्यताओं और भक्तों के अनुभवों के आधार पर संपादकीय रूप से तैयार सामग्री है। इसका उद्देश्य पाठकों को शुद्ध भक्ति भाव और प्रामाणिक जानकारी उपलब्ध कराना है।

स्रोत एवं संदर्भ | Sources & References

  • खाटू श्याम मंदिर ट्रस्ट, सीकर, राजस्थान - आधिकारिक विवरण परंपराएं
  • भक्ति संगीत संग्रह एवं लोक संकीर्तन ग्रंथ
  • श्रीमद्भागवत पुराण एवं महाभारत कथा संदर्भ

संबंधित भजन एवं लेख

आप हमारे अन्य लोकप्रिय भजनों और स्तोत्रों को भी पढ़ सकते हैं:

श्रेणियां: Shyam Bhajan

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Sep 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!